फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Shiromani Akali Dal Started Haryana Assembly Elections Campaign

हरियाणा में सिख राजनीति फिर गरमाने को तैयार

Sat, 04 Oct 2014 11:35 AM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 04 Oct 2014 11:35 AM IST
विज्ञापन
Shiromani Akali Dal Started Haryana Assembly Elections Campaign

हरियाणा के चुनावी रण में शनिवार से एचएसजीएमसी का मुद्दा गरमाने जा रहा है। इनेलो के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का मुख्य फोकस इसी मुद्दे पर रहेगा।

विज्ञापन


ऐसा नहीं कि शिअद अन्य मुद्दों को दरकिनार कर देगा, लेकिन एचएसजीएमसी एक ऐसा मसला है जो कि सिखों से सीधा जुड़ा है। इसे लेकर कांग्रेस व शिअद के बीच सीधा टकराव है और प्रचार के दौरान आगामी दस दिनों में इस मुद्दे पर परस्पर विरोधी तल्ख बयानबाजी संभावित है।
विज्ञापन


शिअद से संबद्ध पंजाब के मंत्री, सांसद, मुख्य संसदीय सचिव, विधायक, चेयरमैन आदि सहित पार्टी पदाधिकारी शुक्रवार से ही हरियाणा पहुंचने शुरू हो गए हैं तथा वह शनिवार से अपने-अपने निर्धारित विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार की कमान संभाल लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिअद नेताओं ने 22 हलकों में संभाला मोर्चा

Shiromani Akali Dal Started Haryana Assembly Elections Campaign

शिअद नेताओं की इनेलो के साथ लंबी मंत्रणा के बाद उन 22 हलकों में पार्टी नेताओं की ड्यूटियां लगाई गई हैं, जहां सिखों की जनसंख्या अधिक है।

मुख्य रूप से यह वे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां सिख मतदाताओं की संख्या 15000 या इससे अधिक है। इनका चयन विशेषत: एचएसजीएमसी विवाद को लेकर ही किया गया है।

यहां चुनावी सभाओं के दौरान जहां शिअद नेताओं का हमला मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली हरियाणा की कांग्रेस की कारगुजारी पर होगा, वहीं सिखों से पंथ के नाम पर परंपरागत ढंग से भी वोट मांगे जाएंगे।

शिरोमणि अकाली दल का कांग्रेस पर सीधा हमला रहा है कि इसने हमेशा सिखों के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी करके उनमें फूट डालने की कोशिश की और एसजीपीसी को कमजोर करने के लिए एचएसजीएमसी का गठन किया गया।

अकाली नेता जहां एचएसजीएमसी के गठन को अपने भाषणों के दौरान एसजीपीसी की सर्वोच्चता को चैलेंज करने वाला कदम करार देंगे, वहीं पहले की तरह ही इसे श्री अकाल तखत पर कांग्रेस का एक और हमला भ्ज्ञी बताएंगे। कुल मिलाकर एचएसजीएमसी मुद्दे पर जबरदस्त घमासान आगामी दस दिनों में हरियाणा के रण में देखने को मिलेगा।

हुड्डा-बादल होंगे आमने-सामने

Shiromani Akali Dal Started Haryana Assembly Elections Campaign

इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आमने-सामने होंगे। हुड्डा पहले ही ताबड़तोड़ प्रचार में जुटे हैं, जबकि बादल आगामी 6 अक्तूबर से चुनावी रण में उतरेंगे। इस दौरान दोनों तरफ से जबरदस्त परस्पर विरोधी बयानबाजी देखने को मिलेगी।

ध्यान रहे कि एचएसजीएमसी के रूप में हरियाणा के लिए अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन करवाकर (मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन) हुड्डा ने प्रदेश के सिखों के एक वर्ग को अपने साथ करने में कामयाबी हासिल की है। वहीं, अलग कमेटी के गठन का विरोध कर रहा वर्ग एकदम से उनके खिलाफ खड़ा हो गया है।

ऐसे में सियासी माहिर जहां एचएसजीएमसी के गठन को हुड्डा व कांग्रेस की सिख वोट बैंक में सेंध लगाने की एक सोची समझती रणनीति करार दे रहे हैं।

एचएसजीएमसी पदाधिकारी इस चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने की फैसला ले चुके हैं, तो एसजीपीसी समर्थक सीधे तौर पर इनेलो-शिअद गठबंधन का साथ देंगे। इस प्रकार हरियाणा के रण में सिख वर्ग काफी प्रभावशाली तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed