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पंजाबः अकाली दल ने बढ़ाना शुरू किया अपना जनाधार, भाजपा के पूर्व विधायकों पर टिकी नजर
Thu, 01 Oct 2020 11:45 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 01 Oct 2020 11:45 AM IST
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Sukhbir Badal
- फोटो : File Photo
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शिरोमणि अकाली दल ने शहरों में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए भाजपा के किले में सेंधमारी की तैयारी शुरू कर दी है। अकाली दल ने ऐसे भाजपा नेताओं की एक सूची तैयार कर ली है, जो बादल परिवार से निकटता रखते हैं। अकाली दल की एक टीम इन नेताओं से संपर्क साध रही है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए शहरों में अपनी ठोस टीम तैयार कर सके।
पंजाब में सरकार शहरी वोटरों के बल पर ही बनती आई है लेकिन शहरों में भाजपा का खासा जनाधार है और कई शहरी हलके ऐसे हैं, जहां पर अकाली दल के पास कोई चेहरा नहीं है। ऐसे में अकाली दल की कोर टीम ने पूरी योजना तैयार की है जिसके तहत भाजपा के उन नेताओं की लिस्ट तैयार कर उनको फ्रेम में लाना शुरू कर दिया है जो बादल परिवार के खास रहे हैं।
प्रकाश सिंह बादल पांच बार सूबे के सीएम बन चुके हैं। आतंकवाद के खात्मे के बाद वे तीन बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं। 1997 के बाद से बादल मंत्रीमंडल में भाजपा के कई नेताओं को बड़े मंत्रालय दिए जाते रहे हैं जिसमें निकायमंत्री की कुर्सी भी शामिल थी। ऐसे में कई भाजपा नेताओं का प्रकाश सिंह बादल के साथ अच्छा तालमेल है।
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वहीं दूसरी तरफ भाजपा में भी सब ठीकठाक नहीं चल रहा है। भाजपा की लीडरशिप दूसरी कतार के नेताओं को आगे ला रही है, जिससे टकसाली भाजपाई काफी असहज महसूस कर रहे हैं। अकाली दल के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के लिए शहरों में अपना जनाधार बढ़ाना एक चुनौती है लेकिन भाजपा में कई नेता ऐसे हैं, जो अकाली दल के काफी करीबी हैं।
ऐसे नेता अकाली दल का ही हिस्सा हैं। पार्टी को हिंदू चेहरों की जरूरत भी है। ऐसे में भाजपा के नेताओं को पार्टी जल्द ही ज्वाइन करवा सकती है। सुखबीर बादल ने सोमवार को ही गुरदासपुर में भाजपा के पांच पार्षदों को अकाली दल में शामिल करवाया है।
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पंजाब में सरकार शहरी वोटरों के बल पर ही बनती आई है लेकिन शहरों में भाजपा का खासा जनाधार है और कई शहरी हलके ऐसे हैं, जहां पर अकाली दल के पास कोई चेहरा नहीं है। ऐसे में अकाली दल की कोर टीम ने पूरी योजना तैयार की है जिसके तहत भाजपा के उन नेताओं की लिस्ट तैयार कर उनको फ्रेम में लाना शुरू कर दिया है जो बादल परिवार के खास रहे हैं।
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प्रकाश सिंह बादल पांच बार सूबे के सीएम बन चुके हैं। आतंकवाद के खात्मे के बाद वे तीन बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं। 1997 के बाद से बादल मंत्रीमंडल में भाजपा के कई नेताओं को बड़े मंत्रालय दिए जाते रहे हैं जिसमें निकायमंत्री की कुर्सी भी शामिल थी। ऐसे में कई भाजपा नेताओं का प्रकाश सिंह बादल के साथ अच्छा तालमेल है।
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वहीं दूसरी तरफ भाजपा में भी सब ठीकठाक नहीं चल रहा है। भाजपा की लीडरशिप दूसरी कतार के नेताओं को आगे ला रही है, जिससे टकसाली भाजपाई काफी असहज महसूस कर रहे हैं। अकाली दल के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के लिए शहरों में अपना जनाधार बढ़ाना एक चुनौती है लेकिन भाजपा में कई नेता ऐसे हैं, जो अकाली दल के काफी करीबी हैं।
ऐसे नेता अकाली दल का ही हिस्सा हैं। पार्टी को हिंदू चेहरों की जरूरत भी है। ऐसे में भाजपा के नेताओं को पार्टी जल्द ही ज्वाइन करवा सकती है। सुखबीर बादल ने सोमवार को ही गुरदासपुर में भाजपा के पांच पार्षदों को अकाली दल में शामिल करवाया है।