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गुरमीत राम रहीम को माफी विवाद पर चुप क्यों है सरकार?

Thu, 01 Oct 2015 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 01 Oct 2015 09:54 AM IST
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shiromani akali dal silent on gurmeet ram rahim pardon issue

गुरमीत राम रहीम को अकाल तख्त की ओर से माफी दिए जाने पर विवाद गहरा रहा है, लेकिन मामले में सरकार चुप बैठी है। सिख संगठन सीधे अकाल तख्त के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। पुलिस उन पर लाठीचार्ज कर रही है। पगड़ियों मिट्टी में मिल रही हैं। सिखों को अपमान का घूंट पीना पड़ रहा है।

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बुधवार को पंजाब बंद का भी ज्यादा असर नजर नहीं आया, लेकिन हालात गंभीर बने रहे। यह सब देखते हुए भी पंजाब सरकार चुप है, जबकि विरोधी दल आरोप लगा रहे हैं कि डेरा प्रमुख को माफी संबंधी हुक्मनामे के पीछे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का हाथ है।

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कांग्रेस ने बादल को विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया

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हालांकि, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने अपने ही फैसले पर विचार करने के लिए रिव्यू कमेटी के गठन की घोषणा की है, लेकिन लोकसभा में कांग्रेस पक्ष के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तो एक बयान जारी कर स्पष्ट कह दिया कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल लगातार तख्त को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि सिख समाज के एक वर्ग में तनाव और श्रीअकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे को खुलेआम चुनौती मिलना चिंता का विषय है। अफसोस है कि यह समाज व राज्य के लिए अच्छा नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक सिख होने के नाते श्री अकाल तख्त साहिब के विशेषाधिकार के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं, लेकिन चिंता का विषय यह है कि इसके अधिकार को जो ठेस पहुंची है, जिसके लिए मुख्यमंत्री प्रकाश  सिंह बादल पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह सिख इतिहास में पहली बार हुआ है कि श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे का खुलेआम विरोध हो रहा है। कैप्टन ने कहा कि सियासी हितों के मुताबिक अपना रंग बदलना बादल के चरित्र की विशेषता है।

2007 में उन्होंने इस मसले में अपने हितों के मुताबिक हुक्मनामा जारी करवाया। अब आठ साल बाद पूरी तरह यू-टर्न लेते हुए सोची समझी चाल के तहत एक और हुक्मनामा जारी करवा दिया गया।

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