अकाली नेता व पूर्व सांसद सुखदेव सिंह लिबड़ा का निधन, सीएम अमरिंदर सिंह ने जताया दुख
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहगढ़ साहिब के पूर्व सांसद और अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह लिबड़ा का शुक्रवार सुबह देहांत हो गया। वह 88 वर्ष के थे। उन्होंने अंतिम सांस खन्ना के एक निजी अस्पताल में सुबह चार बजे के आसपास ली। इससे पहले उन्हें हल्के बुखार के कारण अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। लिबड़ा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव लिबड़ा खन्ना में शुक्रवार दोपहर एक बजे किया गया।
उनके अंतिम संस्कार में पूर्व अकाली मंत्री हरमेल सिंह टोहड़ा, खन्ना हलका इंचार्ज रणजीत सिंह तलवंडी, फतेहगढ़ साहिब के एसडीएम डॉ. संजीव कुमार, खन्ना के एडीसी जसपाल सिंह गिल, एसडीएम खन्ना संदीप सिंह, एसपी खन्ना बलविंदर सिंह भिखी मौजूद रहे।
सुखदेव सिंह लिबड़ा ने अपनी जिंदगी के 25 वर्ष शिरोमणि अकाली दल को समर्पित किए। पांच साल वह रोपड़ से कांग्रेस के सांसद भी रहे। इससे पहले वह 17 साल एसजीपीसी के सदस्य रहे और एसजीपीसी के उपाध्यक्ष भी रहे।
अपनी जिंदगी की सियासी पारी उन्होंने 1985 में शुरू की और अकाली सरकार में खन्ना के विधायक बने। 1998 से लेकर 2004 तक राज्यसभा सदस्य रहे। इसके बाद 2004 में अकाली दल की तरफ से रोपड़ के सांसद बने। लिबड़ा 2009 में कांग्रेस की टिकट पर फतेहगढ़ साहिब से सांसद बने।
कांग्रेस से सांसद बनने से पहले सुखदेव सिंह लिबड़ा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के समय देश हित में परमाणु समझौते पर बतौर सांसद अनुपस्थिति दर्ज करवाई थी जिसका श्रेय कांग्रेस को मिला था।
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान तीन अप्रैल 2014 को सुखदेव सिंह लिबड़ा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की उपस्थिति में पार्टी दफ्तर चंडीगढ़ में दोबारा अकाली दल की सदस्यता हासिल की।
सुखदेव सिंह लिबड़ा के घर दुख बांटने पहुंचे पूर्व अकाली मंत्री हरमेल सिंह टोहड़ा ने कहा कि लिबड़ा मेरे पिता गुरचरन सिंह टोहड़ा के बहुत नजदीकी थे और उन्होंने पार्टी के लिए बढ़ चढ़कर काम किया।
सुखदेव सिंह लिबड़ा अपने कर्मठ एवं तेज तर्रार राजनीति और काम करने में विश्वास रखने के नेता के तौर भी जाने जाते थे। बढ़ती उम्र में भी वह अपनी सांसद निधि की ग्रांट को गांवों में बांटने के लिए तत्पर रहते थे। उन्होंने 2009 में खन्ना रेलवे स्टेशन पर दो सुपर फास्ट गाड़ियों सचखंड एक्सप्रेस और शान-ए-पंजाब गाड़ियों का ठहराव करवाया था।
कैप्टन ने निधन पर दुख जताया
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूर्व सांसद सुखदेव सिंह लिबड़ा के देहांत पर गहरा दुख प्रकट किया है। सुखदेव सिंह लिबड़ा 87 वर्ष के थे। शुक्रवार सुबह खन्ना के एक निजी अस्पताल में उन्होंने आखिरी साँस ली। शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने सुखदेव सिंह लिबड़ा को उसूलों और सिद्धांतों की राजनीति करने वाला नेता बताया, जो लोगों के साथ ज़मीनी स्तर पर जुड़े हुए थे।
उन्होंने कहा कि लिबड़ा के चले जाने से राज्य एक दरवेश सिख राजनीतिज्ञ से वंचित हो गया। उन्होंने कहा कि लिबड़ा ने पद की परवाह किए बिना हमेशा उसूलों का निर्वहन किया। कैप्टन ने परमात्मा के समक्ष दिवंगत नेता की आत्मिक शांति और उनके पारिवारिक सदस्यों और सगे-संबंधियों को ईश्वरीय आदेश मानने का बल प्रदान करने की अरदास की।