सुखबीर ने सरकार को दिया सात दिन का अल्टीमेटम, कैप्टन बोले- हताश हो गए हैं शिअद अध्यक्ष
- सात दिन का दिया समय, मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री का किया जाएगा घेराव
- शिअद कोर कमेटी में लिया फैसला, कथित वजीफा घोटाले में धर्मसोत के खिलाफ दर्ज हो मुकदमा
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कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार को अल्टीमेटम दिया है। शिअद कोर कमेटी की बैठक में सरकार से सूबे को प्रमुख मंडी यार्ड घोषित किए जाने और कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम (2017) रद्द करने की मांग की गई। बैठक में तय किया गया कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सरकार अमल नहीं करेगी तो शिअद मुख्यमंत्री का घेराव करेगी। शिअद प्रधान ने कथित वजीफा घोटाले में कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
पार्टी मुख्यालय में सोमवार को हुई शिअद की कोर कमेटी बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की। कमेटी ने कृषि कानूनों से परेशान किसानों के लिए समर्थन दिए जाने की बात को दोहराया। शिअद सलाहकार हरचरन सिंह बैंस ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के ढुलमुल रवैये को देखते हुए अल्टीमेटम देना जरूरी हो गया है। बैंस ने कहा कि विशेष सत्र बुलाने को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं करतारपुर कॉरिडोर को खोलने के संबंध में विदेश मंत्री से बात की जाएगी।
Punjab CM has 7 days to convene a special session of Vidhan Sabha to declare the state a notified mandi, reject Centre’s Agri Acts & repeal amended APMC Act of 2017. If he doesn’t convene session, Shiromani Akali Dal (SAD) will gherao his residence: Sukhbir Singh Badal, SAD chief pic.twitter.com/BBnJX3moE6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 12, 2020
पंजाब सरकार राज्य को अधिसूचित मंडी घोषित करने और केंद्र सरकार के कृषि अधिनियमों को खारिज व 2017 के संशोधित एपीएमसी अधिनियम को रद्द करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए। सत्र बुलाने के लिए सरकार के पास सात दिन का समय है। यदि वह सत्र नहीं बुलाते हैं, तो शिरोमणि अकाली दल (शिअद) उनका घेराव करेगा। सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष।
अल्टीमेटम को कैप्टन ने किया खारिज, बोले- हताश हो गए हैं शिअद अध्यक्ष
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिअद के अल्टीमेटम पर पलटवार करते हुए कहा कि शिअद प्रधान किसानों के साथ धोखा कर अल्टीमेटम का अधिकार खो चुके हैं। अब वह हताशा में ऐसे बयान दे रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि किसान समुदाय को अपनी लड़ाई लड़ने के लिए अकालियों की आवश्यकता नहीं है। पंजाब सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है।
स्वामीनाथन फॉर्मूले पर शिअद प्रधान की मांग पर कैप्टन ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि मंत्री रहते हुए हरसिमरत ने कितनी बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्वामीनाथन कमेटी को लेकर चर्चा की। साथ ही आखिरी बार सुखबीर ने स्वामीनाथन फॉर्मूला कब याद किया था। कैप्टन अमरिंदर ने कथित छात्रवृत्ति घोटाले में मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को बर्खास्त करने के शिअद के अल्टीमेटम को भी खारिज कर दिया। जिसमें तीन आईएएस अधिकारियों और यहां तक कि मुख्य सचिव की एक समिति ने उन्हें क्लीन चिट दी थी। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भी कॉरिडोर के खोलने के पक्ष में है लेकिन सुरक्षा कारणों और कोविड की स्थिति के आकलन के आधार पर निर्णय लेना केंद्र सरकार पर छोड़ दिया है।