फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   shiromani akali dal excited due to victory in dehli gurudwara election

DSGMC चुनाव में जीत ने शिअद में फूंकी जान, पार्टी वर्करों का उत्साह बढ़ा

Fri, 03 Mar 2017 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 03 Mar 2017 10:57 AM IST
विज्ञापन
shiromani akali dal excited due to victory in dehli gurudwara election
Parkash singh Badal - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनाव में मिली जीत ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में नई जान फूंक दी है। पार्टी वर्करों में खासा उत्साह है। पंजाब विधानसभा चुनाव में डेरा सच्चा सौदा का समर्थन, सूबे में बेअदबी की घटनाएं और 84 दंगों का मुद्दा शिअद का रास्ता नहीं रोक पाया। शिअद ने इस जीत को पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


पार्टी का मानना है कि डीएसजीएमसी के चुनाव में विरोधियों ने उसके खिलाफ जो मुद्दे उछाले थे, वह सारे मुद्दे पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान भी शिअद-भाजपा गठबंधन के खिलाफ प्रचार में इस्तेमाल किए गए। पार्टी को अब यह लग रहा है कि जिस तरह डीएसजीएमसी चुनाव में पंथक वोट उससे अलग नहीं हुए, ठीक उसी तरह पंजाब विधानसभा चुनाव में भी पंथक वोट शिअद की झोली में ही आए हैं।
विज्ञापन


डीएसजीएमसी चुनाव में इस बार शिअद को कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के चुनाव में उतरने से बंटे वोटों का भी सीधा फायदा हुआ है, ठीक उसी तरह पंजाब में भी इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विधानसभा चुनाव में उतरने से शिअद-भाजपा गठबंधन को दिल्ली की तरह ही फायदा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएसजीएमसी चुनाव जीतकर उत्साह से भरी शिअद ने विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर कयास लगाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि उसे इसका मलाल भी है कि डीएसजीएमसी चुनाव पंजाब के विधानसभा चुनाव से पहले हो जाते तो अच्छा होता और पंजाब में पार्टी से पंथक वोट दूर जाने का जो प्रचार किया गया, उसका प्रभाव सिख मतदाताओं पर नहीं पड़ता।


शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने 11 मार्च को घोषित होने वाले विधानसभा चुनाव परिणाम में शिअद की जीत का दावा किया है, जबकि सूबे में पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान यही माना जा रहा था कि शिअद सत्ता की दौड़ में तीसरे स्थान पर पिछड़ जाएगी। डेरा सच्चा सौदा से समर्थन लिए जाने के बाद चौतरफा आलोचनाओं में घिरी शिअद इस बार विधानसभा चुनाव में काफी दबाव में दिखाई दे रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed