विधानसभा चुनाव: बठिंडा में शिअद के तीन और प्रत्याशी घोषित, सिकंदर सिंह मलूका का रामपुरा फूल से लड़ने से इनकार
भुच्चो मंडी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता को उम्मीदवार बनाने का एलान किया गया है, जबकि वे बठिंडा देहात क्षेत्र से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। यहां से दो बार वह चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के समय उनको यहां से मलोट भेज दिया गया था। वहां वे चुनाव हार गए थे।
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2022 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अकाली दल ने बठिंडा की छह विधानसभा सीटों में से चार सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इससे बठिंडा शहरी क्षेत्र से पहले ही सरुपचंद सिंगला को पहले ही उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है। वहीं शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने रामपुरा फूल से पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, बठिंडा देहात से प्रकाश सिंह भट्टी व भुच्चो से दर्शन कोटफत्ता को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया है।
रामपुरा फूल से घोषित प्रत्याशी पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने रामपुरा विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि रामपुरा विधानसभा क्षेत्र से उनके बेटे गुरप्रीत सिंह मलूका टिकट के दावेदार हैं व पार्टी हाईकमान से उन्हें उम्मीदवार बनाने की मांग करेंगे।
रामपुरा पूल विधानसभा क्षेत्र को लेकर कई माह से चर्चाएं थीं कि वहां से चुनाव सिकंदर सिंह मलूका खुद लड़ेंगे या फिर उनके बेटा गुरप्रीत सिंह मलूका चुनाव मैदान में उतरेंगे। क्योंकि शिअद की ओर से सिकंदर सिंह मलूका को पिछले कई माह से मौड़ हलके की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। पार्टी प्रत्याशियों की घोषणाओं के साथ ही इन चर्चाओं पर विराम लग गया।
रविवार दोपहर बाद सिकंदर सिंह मलूका के प्रेस सचिव रत्नदेव शर्मा ने एक प्रेसनोट जारी कर कहा कि सिकंदर सिंह मलूका पार्टी की तरफ से उन पर जताए विश्वास के लिए अभारी हैं लेकिन वह इस क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि उनके पुत्र व जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन गुरप्रीत सिंह मलूका रामपुरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार होंगे। बता दें कि गुरप्रीत सिंह मलूका बठिंडा जिला परिषद के चयरमैन रहे हैं। उनका रामपुरा फूल के साथ जिले के विभिन्न इलाकों में अच्छ प्रभाव है। बेदाग व मिलनसार छवि के कारण उनका अभी तक किसी तरह का विरोध नहीं है।
भुच्चो मंडी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता को उम्मीदवार बनाने का एलान किया गया है, जबकि वे बठिंडा देहात क्षेत्र से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। यहां से दो बार वह चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के समय उनको यहां से मलोट भेज दिया गया था। वहां वे चुनाव हार गए थे।
अब उन्होंने बठिंडा देहात क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया था लेकिन उनका हलका फिर से बदल दिया गया। उनको बठिंडा देहात के बजाय भुच्चो मंडी से उम्मीदवार घोषित किया गया। बठिंडा देहात क्षेत्र से पिछले विधानसभा चुनाव में अमित रतन कोटफत्ता को टिकट दिया गया था लेकिन वह चुनाव हार गए थे। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो शिअद ने उनको निष्कासित कर दिया।
अब बठिंडा देहात क्षेत्र से प्रकाश सिंह भट्टी को उम्मीदवार बनाया गया है। वह पहले कोटकपूरा नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन रह चुके हैं और कांग्रेस के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुके हैं। बाद में वह शिअद में शामिल हो गए थे और अब बठिंडा देहात हलके से उनको उम्मीदवार बनाया गया है।