फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   shatabdi, shatabdi breakfast, consumer form, indian railway, vegetarian food trey, chandigarh

शताब्दी में नहीं दिया ब्रेकफास्ट, रेलवे भुगतेगा खामियाजा

Thu, 03 Mar 2016 08:19 AM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 03 Mar 2016 08:19 AM IST
विज्ञापन
shatabdi, shatabdi breakfast, consumer form, indian railway, vegetarian food trey, chandigarh

एक पैसेंजर के बेटे और बेटी को शताब्दी में वेजिटेरियन ब्रेकफास्ट न देना रेलवे को महंगा पड़ गया। अब उपभोक्ता फोरम ने रेलवे को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को वेजिटेरियन फूड ट्रे की कीमत लौटाने के अलावा सेवा में कोताही के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू ने सुनवाई के बाद दिया है।

विज्ञापन


जगजीत सिंह निवासी फेज-7 मोहाली ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वह पत्नी, बेटी, बेटा और ससुर के साथ कानपुर साले से मिलने गए। एलटीसी सुविधा के साथ उन्होंने शताब्दी का टिकट खरीदा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कालका शताब्दी ट्रेन नंबर 12006 चंडीगढ़ से सुबह 6:35 बजे उन्होंने ली। स्टाफ ने उनकी पत्नी और ससुर को तो ब्रेकफास्ट दिया, लेकिन बेटा और बेटी को ब्रेकफास्ट सर्व नहीं किया। यह कहा गया कि अब ब्रेकफास्ट खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में टीटीई को सूचित किया। साथ ही इस फीडबैक चार्ट में यह लिखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिक्कतों से भरा रहा सफर

shatabdi, shatabdi breakfast, consumer form, indian railway, vegetarian food trey, chandigarh

शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि जब वे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो पता चला कि कानपुर जाने वाली ट्रेन 20 घंटे लेट थी। इस कारण उन्होंने दूसरी ट्रेन से टिकट बुक करवाया।

उधर से लौटते समय 30 दिसंबर 2014 को जब सेंट्रल कानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो पता चला कि जिस ट्रेन से उन्हें दिल्ली जाना था वह भी 18 से 20 घंटे लेट थी। इसके बाद वे दूसरी ट्रेन से आए लेकिन वह ट्रेन भी साढ़े तीन घंटे लेट थी। इस कारण उनकी दिल्ली से कालका जानेवाली शताब्दी छूट गई। स्टेशन मास्टर ने टिकट की राशि नहीं लौटाई।

रेलवे ने रखा पक्ष
रेलवे ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है। ट्रेन में खाना समाप्त नहीं हुआ था। रेलवे ने कहा कि 25 दिसंबर 2012 को ट्रेन नंबर 12006 में कुल 807 पैसेंजर थे, जबकि कुल क्षमता 892 पैसेंजर की है। रेलवे ने यह भी कहा कि कुल नौ सौ यूनिट फूड कैरी किया गया था। सभी को परोसने के बाद 93 यूनिट फूड बच गया था। रेलवे ने कहा कि कोहरे के कारण ट्रेन लेट चल रही थी। पब्लिक सेफ्टी के कारण ट्रेन धीमी गति से चलाई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed