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शास्त्री मार्केट में अतिक्रमण, केंद्र से जवाब तलब
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Nov 2013 10:42 AM IST
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सेक्टर-22 की मार्केट में अवैध अतिक्रमण के मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट का रुख सख्त दिखा। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ चंडीगढ़ प्रशासन के जवाब से असंतुष्ट दिखी।
यूटी नगर निगम ने अपने जवाब में कहा कि जुर्माना राशि बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। केंद्रीय विभाग से जवाब मिलने के बाद प्रशासन अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेगा।
हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन के जवाब को रिकार्ड में लेकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। मामले की आगामी सुनवाई 15 जनवरी को होगी।
चंडीगढ़ नगर निगम ने हाईकोर्ट को बताया कि शहर में अतिक्रमण के मामलों पर पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत 500 रुपये ही जुर्माना वसूला जाता है।
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वह जुर्माना राशि बढ़ाने के लिए अधिकृत नहीं है। इसके लिए केंद्र सरकार ही कोई फैसला ले सकती है। इसके लिए बाकायदा कानून पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
हाईकोर्ट से दिशा-निर्देश जारी करने की मांग:
सेक्टर-22 रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है।
याचिका में कहा गया कि अतिक्रमण हटाने में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है, लिहाजा हाईकोर्ट इस मामले में कोई उचित दिशा निर्देश जारी करे। मामले की पिछली सुनवाई में जुर्माना राशि की बढ़ोतरी को लेकर हाईकोर्ट ने सुझाव दिया था।
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मामले की सुनवाई के दौरान अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट का रुख सख्त दिखा। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ चंडीगढ़ प्रशासन के जवाब से असंतुष्ट दिखी।
यूटी नगर निगम ने अपने जवाब में कहा कि जुर्माना राशि बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। केंद्रीय विभाग से जवाब मिलने के बाद प्रशासन अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेगा।
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हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन के जवाब को रिकार्ड में लेकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। मामले की आगामी सुनवाई 15 जनवरी को होगी।
चंडीगढ़ नगर निगम ने हाईकोर्ट को बताया कि शहर में अतिक्रमण के मामलों पर पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत 500 रुपये ही जुर्माना वसूला जाता है।
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वह जुर्माना राशि बढ़ाने के लिए अधिकृत नहीं है। इसके लिए केंद्र सरकार ही कोई फैसला ले सकती है। इसके लिए बाकायदा कानून पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
हाईकोर्ट से दिशा-निर्देश जारी करने की मांग:
सेक्टर-22 रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है।
याचिका में कहा गया कि अतिक्रमण हटाने में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है, लिहाजा हाईकोर्ट इस मामले में कोई उचित दिशा निर्देश जारी करे। मामले की पिछली सुनवाई में जुर्माना राशि की बढ़ोतरी को लेकर हाईकोर्ट ने सुझाव दिया था।