ड्रग के कारोबार में भाजपा भी अकाली दल की साथी है: शकील
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी शकील अहमद ने आरोप लगाया कि भाजपा ड्रग कारोबार में भी अकाली दल की भाईवाल है। अहमद रविवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा के करीबियों के ड्रग कारोबारियों को संरक्षण देने और रिश्वत लेने के मामले पर टिप्पणी कर रहे थे। वे फगवाड़ा में पंजाब प्रदेश कांग्रेस के महासचिव और पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह मान के निवास पर पहुंचे थे।
इस मसले पर जहां विपक्ष के साथ-साथ केंद्रीय मंत्र हरसिमरत कौर बादल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं, वहीं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा। इस बीच प्रदेश भाजपा के लगभग सभी नेता कमल शर्मा के समर्थन में मैदान में कूद चुके हैं।
पंजाब में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है
अहमद ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया कि अगर ललित मोदी जैसे अपराधी की विदेश जाने में मदद करने को विदेश मंत्री गुनाह नहीं मानती तो वे ऐसे अपराधी, जिनके रिश्तेदार कैंसर या हार्ट की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, को इलाज के लिए विदेश जाने या जेल से छोड़ने संबंधी कानून संसद में पास करवा दें।
कैप्टन और बाजवा मामले पर शकील अहमद ने कहा कि दोनों ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, बावजूद इसके प्रदेश कांग्रेस अकाली भाजपा गठबंधन को उखाड़ने के लिए एकजुट हैं।
अहमद ने चाणक्य की बात दोहराते हुए कहा कि जिस राज का शासक व्यापारी होता है, उस राज की जनता भिखारी हो जाती है। पंजाब में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। इस मौके पर कांग्रेस के देहाती अध्यक्ष दलजीत सिंह राजू, हरजी मान, बलबीर गौसल, अगम पराशर, सतपाल मल्ल समेत अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद थे।
ड्रग तस्करी मामले पर सियासी जंग, वाकयुद्ध
ड्रग्स तस्करी में पंजाब भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा के नजदीकियों का नाम उछलने के बाद प्रदेश की सियासत में शुरू हुआ परस्पर विरोधी बयानबाजी का सिलसिला निरंतर जारी है।
फिरोजपुर में भाजपा के पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद कांग्रेस के हमलों के जवाब में शिअद नेताओं ने रविवार को तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने पंजाब के कांग्रेसी नेताओं से कहा कि वह नशा तस्करी में शामिल अपने सभी नेताओं के संबंध में स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही पहले उनके इस्तीफे लें।
अकाली नेताओं महेश इंद्र सिह ग्रेवाल और शरणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेसियों को दूसरे नेताओं से इस्तीफे मांगने से पहले अपने प्रधान प्रताप सिंह बाजवा से त्याग पत्र की मांग करनी चाहिए, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर, उनके नशा तस्करों के साथ संबंधों के बारे में खुलासा किया जा चुका हैं।
अकालियों ने कांग्रेसियों पर लगाए आरोप
शिअद नेताओं ने कहा कि बाजवा और कांग्रेस अपने ही नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के पत्र की प्रमाणिकता को झुठला नहीं सकते। ग्रेवाल ने कहा कि नशा तस्करी के संबंध में कांग्रेसी सांसद चौ. संतोख सिंह तथा ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का नाम भी विभिन्न एजेसियों की जांच में उछल चुका है।
चौ. संतोख सिंह पर नशा तस्कर से पैसे लेने के आरोपी हैं। जबकि राजा वड़िंग का पीए भी नशा तस्करी में पकड़ा जा चुका है। वहीं, ढिल्लों ने कहा कि राहुल गांधी एक तरफ तो सभी पंजाबियों को नशेड़ी कहकर बदनाम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नशा तस्करी में लिप्त राजा वड़िंग जैसे नेताओं को पद बख्श रहे हैं।