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आरटीआई में खुलासा: यहां बेटियों की सुरक्षा बड़ी चुनौती, 1764 दिन में 6493 दुष्कर्म, 10101 छेड़छाड़
Sun, 03 Mar 2019 11:16 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 03 Mar 2019 11:16 AM IST
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हरियाणा में बेटियों की सुरक्षा अब भी सरकार के समक्ष एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जबकि सरकार का दावा है कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार और हरियाणा पुलिस सार्थक प्रयास कर रही हैं। बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। असामाजिक तत्वों और मनचलों की धरपकड़ के साथ-साथ कॉलेजों और स्कूलों में किशोरों व युवाओं को जागरूक भी किया जा रहा है।
इतना ही नहीं सरकार द्वारा दुर्गा शक्ति एप के जरिए भी प्रदेश की बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस से जुड़े रहने की अपील की जा रही है। इसके लिए प्रदेश में दुर्गा वाहिनी टीम भी बनाई गई है। विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने दावा किया है कि हर जिले में महिला थाना खोला गया है और इन मामलों में कमी आए, इसके लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
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इतना ही नहीं सरकार द्वारा दुर्गा शक्ति एप के जरिए भी प्रदेश की बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस से जुड़े रहने की अपील की जा रही है। इसके लिए प्रदेश में दुर्गा वाहिनी टीम भी बनाई गई है। विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने दावा किया है कि हर जिले में महिला थाना खोला गया है और इन मामलों में कमी आए, इसके लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
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आरटीआई में ये जानकारी सामने आई
दूसरी ओर, हरियाणा में महिला उत्पीड़न से जुड़े पुलिस महकमे के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक दिखती है। जनवरी 2014 से लेकर अक्तूबर 2018 तक हरियाणा में 6493 महिलाओं से दुराचार के मामले दर्ज किए गए, वहीं 10101 मामले छेड़छाड़ के सामने आए हैं।
देखा जाए तो इन 1764 दिनों में औसतन रोजाना प्रदेश में महिला उत्पीड़न के 9 मामले दर्ज हुए हैं। यह खुलासा हरियाणा के आरटीआई एक्टिविस्ट पवन बांगा द्वारा स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा से मांगी गई जानकारी में हुआ है। पवन बांगा ने मांग की है कि सरकार इन आंकड़ों पर गौर करते हुए प्रदेश में बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करे।
देखा जाए तो इन 1764 दिनों में औसतन रोजाना प्रदेश में महिला उत्पीड़न के 9 मामले दर्ज हुए हैं। यह खुलासा हरियाणा के आरटीआई एक्टिविस्ट पवन बांगा द्वारा स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा से मांगी गई जानकारी में हुआ है। पवन बांगा ने मांग की है कि सरकार इन आंकड़ों पर गौर करते हुए प्रदेश में बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करे।
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बिना एक्सपर्ट चल रहे साइबर थाने
आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ है कि हरियाणा में चल रहे पुलिस साइबर थानों में कोई साइबर एक्सपर्ट ही नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हरियाणा सरकार साइबर क्राइम को रोकने में कितनी सक्षम है। आरटीआई के जवाब में स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा के डीएसपी ने बताया कि अभी प्रदेश में दो साइबर पुलिस स्टेशन पंचकूला और गुरुग्राम में चल रहे हैं, लेकिन इनमें अभी तक कोई साइबर एक्सपर्ट तैनात नहीं है।