फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   sexual assault victims of Haryana, UP and Madhya Pradesh United and fight for justice

Exclusive: इंसाफ पाने को एकजुट हुईं हरियाणा, यूपी और मध्य प्रदेश की दुष्कर्म पीड़िताएं 

Tue, 23 Oct 2018 09:03 AM IST
महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक
महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 23 Oct 2018 09:03 AM IST
विज्ञापन
sexual assault victims of Haryana, UP and Madhya Pradesh United and fight for justice
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

पुलिस से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी रेप के आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से आहत हरियाणा, मध्य प्रदेश और यूपी की दुष्कर्म पीड़िताएं एकजुट हो गई हैं। उन्होंने एक-दूसरे की मदद के लिए नेशनल स्तर की वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी की पहल से एक व्हाट्सअप ग्रुप शुरू किया है। इसे ‘न्याय की आस’ नाम दिया है। दुष्कर्म पीड़िता को किसी तरह की परेशानी होने पर वह ग्रुप में संदेश भेजेंगी। इसके बाद सभी एकजुट होकर पीड़िता की मदद करेंगी। पुलिस कार्रवाई कराने के लिए भी सभी एक-दूसरे के साथ खड़ी रहेंगी। 

विज्ञापन


मध्यप्रदेश के भोपाल की रहने वाली नेशनल स्तरीय वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी ने रोहतक के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में कोच भगत सिंह पर रेप का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया। कुछ दिन पूर्व ही आरोपी जमानत पर बाहर आया है। पीड़िता का आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद आरोपी उस पर फैसले का दबाव बनवा रहा है। उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता ने भोपाल के इंद्रापुरा थाने में केस दर्ज कराया।
विज्ञापन


पीड़िता के अनुसार बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके बाद वह मध्य प्रदेश के अलावा हरियाणा के रोहतक, यूपी के मेरठ, गाजियाबाद और मध्य प्रदेश के भोपाल की रेप पीड़िताओं से व्हाट्सएप व सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आई। सभी की समस्या एक जैसी थीं। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही। सभी ने एक दूसरे की पीड़ा को साझा करने के लिए व्हाट्सएप पर 'न्याय की आस' नाम से ग्रुप बनाया। इसमें 12 से अधिक हरियाणा, मध्य प्रदेश और यूपी की रेप पीड़िताओं को जोड़ा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह बोली रेप पीड़िताएं
रेप पीड़िताओं का कहना है कि वे हर हाल में आरोपियों को सजा दिलाकर ही दम लेंगी। यदि वह चुप बैठ जाएंगी तो आरोपियों के हौसले बुलंद होंगे। इससे दूसरी बहनों को भी खतरा रहेगा। 

परिवार ने भी छोड़ा साथ
पीड़ित वेट्लिफ्टिंग खिलाड़ी का कहना है कि उसके साथ रेप के बाद पति ने भी उसे तलाक दे दिया। अब वह जैसे-तैसे खुद का गुजारा कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed