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बादल बोले, अलग गुरुद्वारा कमेटी गैरकानूनी
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sat, 12 Jul 2014 08:52 PM IST
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हरियाणा विधानसभा की तरफ से राज्य के लिए अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने संबंधी प्रस्ताव पास करना पूरी तरह गैर कानूनी एवं बुनियादी तौर पर गलत है। ऐसा कर कांग्रेस हरियाणा के गुरुद्वारों को अपने एजेंटों के कंट्रोल में रखने की साजिश की है।
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यह बात शनिवार को सेक्टर-65 में मंडी बोर्ड की नई इमारत का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि हरियाणा की कांग्रेस सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए सिखों को बांटने की कोशिश की है। ब्रिटिश सरकार ने गुरुद्वारों पर महंतों का कब्जा कराया था।
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उनसे गुरुद्वारों को आजाद कराने के लिए सिखों ने अनेक कुर्बानियां दी हैं। उन कुर्बानियों के चलते 1925 के एक्ट के अधीन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अस्तित्व में आई। उन्होंने कहा कि देश की गुलामी के समय गुरुद्वारों के प्रबंधों के संबंध में जो अंग्रेजों ने किया। वहीं, काम अब कांग्रेस सरकार कर रही है। ऐसा कर कांग्रेस ने सिखों को बांटने की कोशिश की है। परंतु इस साजिश को कभी भी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
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बादल ने कहा कि अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मांग को पिछली शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी के चुनावों में हरियाणा के सिखों ने रदद् कर दिया था। इस मांग को उठाने वाले झींडा एवं नलवी ग्रुप ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसमें उनकी जमानतें जब्त हुई थी। उन्होंने कहा कि झींडा व नलवी ग्रुप कांग्रेस के हाथों खेल रहा है। कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह राजनीतिक खेल रही है।
बादल ने एसजीपीसी की मांग को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की भी निंदा की। उन्होंने कहा था कि हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने पहले भी ऐसा किया था। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उन्हें ऐसा करने से रोका था। इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव एनके शर्मा, सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन अजमेर सिंह लखोवाल, वित्त कमिश्नर सुरेश कुमार, पंजाब मंडी बोर्ड के उप चेयरमैन रविंदर चीमा समेत कई अधिकारी व नेता हाजिर थे।