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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sentence of six Pakistani youths who killed youth of Jalandhar in Dubai has been waived

Punjab: दुबई में जालंधर के युवक की हत्या के आरोपी छह पाकिस्तानियों की सजा माफ, देनी पड़ी 48 लाख की ब्लड मनी

Mon, 05 Feb 2024 12:35 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 05 Feb 2024 12:35 PM IST
सार

दुबई के प्रसिद्ध कारोबारी और सरबत का भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक पंजाब मूल के डॉ. एसपी सिंह ओबेरॉय ने खाड़ी देशों के कानून के अनुसार ब्लड मनी का भुगतान कर सजा माफ करवाई है। डॉ. ओबेरॉय अब तक 135 लोगों को फांसी या 45 वर्ष की लंबी सजा से मुक्त करवा चुके हैं।

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Sentence of six Pakistani youths who killed youth of Jalandhar in Dubai has been waived
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

दुबई में जालंधर के युवक की हत्या करने वाले छह पाकिस्तानी युवकों की सजा माफ कर दी गई है। 22 मई, 2019 को जालंधर के बस्ती बावा खेल इलाके के युवक कुलदीप सिंह की शारजाह में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पाकिस्तानी नागरिकों अली हुस्न, मुहम्मद शाकिर, आफताब गुलाम, मुहम्मद कामरान, मुहम्मद ओमीर वाहिद, सईद हसन शाह को मौत की सजा सुनाई गई थी। 
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दुबई के प्रसिद्ध कारोबारी और सरबत का भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक पंजाब मूल के डॉ. एसपी सिंह ओबेरॉय ने खाड़ी देशों के कानून के अनुसार ब्लड मनी का भुगतान कर सजा माफ करवा ली। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कुलदीप के परिवार से भी संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने इस पर कोई निर्णय लेने में असमर्थता जाहिर की। 
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उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से केस लड़ा और 2.10 लाख दिरहम (लगभग 48 लाख भारतीय रुपये) अदालत में जमा करवाए, जिसके बाद कोर्ट ने सभी छह पाकिस्तानी युवकों की सजा माफ कर दी। रिहाई के कागजात जेल विभाग को भेज दिए गए हैं। कुछ ही दिनों में यह युवक घर लौट आएंगे।
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डॉ. एसपी ओबेरॉय ने कहा कि जमा की गई पूरी रकम आरोपी युवकों के परिजनों ने दी है। उनके अनुसार पाकिस्तानी नागरिक शब्बीर अहमद मंजूर ने भी इस मामले में उनकी मदद की। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित पीड़ित परिवार यह पैसा लेने के लिए सहमत हो जाता है, तो शरीयत कानून के अनुसार अदालत में जमा की गई राशि मृतक कुलदीप के पिता राजिंदर सिंह, मां जसविंदर कौर, पत्नी किरणदीप कौर, बेटे प्रभदीप सिंह और भाई लखवीर सिंह के बीच समान रूप से विभाजित की जाएगी। डॉ. ओबेरॉय ने स्पष्ट किया कि वह जाति, धर्म, रंग या नस्ल नहीं देखते।
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