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Chandigarh News: 25.35 लाख लेकर विदेश भेजा, नौकरी न मिलने पर भारत लौटा
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चंडीगढ़। सेक्टर-35सी स्थित हंबल ओवरसीज कंसल्टेंट इमिग्रेशन कंपनी के खिलाफ दिल्ली के रानीबाग निवासी गुरप्रीत सिंह अरोड़ा ने 25 लाख 35 हजार रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया कि पैसे लेकर वर्क व फैमिली वीजा के जरिए उसे यूके तो भेज दिया गया लेकिन उसे न तो वहां नौकरी मिली और न ही भेजने वाली कंपनी ने कोई मदद की। मजबूरन वापस भारत आकर पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-36 थाने में कंसल्टेंट कंपनी के संचालक जसप्रीत सिंह और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने विदेश में वर्क व फैमिली वीजा लगवाने के लिए हंबल ओवरसीज कंसल्टेंट इमिग्रेशन कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी संचालक जसप्रीत व अन्य ने उसे कहा था कि वह उसे वर्क वीजा के जरिए यूके भेज देेंगे, जहां जाते ही प्राइवेट कंपनी में अच्छे सैलेरी पैकेज पर नौकरी मिल जाएगी। कुछ दिन बाद ही वह उसका वहीं स्थाई तौर पर रहने के लिए फैमिली वीजा भी लगवा देंगे। इसके लिए उसने कंपनी को 25 लाख 35 हजार रुपये दे दिए। इसके कुछ दिन बाद उसे विदेश भेज दिया लेकिन वहां उसे कोई नौकरी नहीं मिली। उसने यूके से ही वीजा लगवाने वाली कंपनी के संचालक जसप्रीत सिंह को लगातार कई बार फोन किए और वह बार-बार उसे टालमटोल करके इंतजार करने के लिए कहता रहा। कई दिन बीतने के बाद भी जब यूके में कोई नौकरी नहीं मिली तो शिकायतकर्ता वापस भारत आ गया और कंपनी के आफिस में गया जहां उसे नौकरी की व्यवस्था करने की बात कही गई लेकिन कंपनी ने उसे उसके पैसे वापस करने से मना कर दिया जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने विदेश में वर्क व फैमिली वीजा लगवाने के लिए हंबल ओवरसीज कंसल्टेंट इमिग्रेशन कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी संचालक जसप्रीत व अन्य ने उसे कहा था कि वह उसे वर्क वीजा के जरिए यूके भेज देेंगे, जहां जाते ही प्राइवेट कंपनी में अच्छे सैलेरी पैकेज पर नौकरी मिल जाएगी। कुछ दिन बाद ही वह उसका वहीं स्थाई तौर पर रहने के लिए फैमिली वीजा भी लगवा देंगे। इसके लिए उसने कंपनी को 25 लाख 35 हजार रुपये दे दिए। इसके कुछ दिन बाद उसे विदेश भेज दिया लेकिन वहां उसे कोई नौकरी नहीं मिली। उसने यूके से ही वीजा लगवाने वाली कंपनी के संचालक जसप्रीत सिंह को लगातार कई बार फोन किए और वह बार-बार उसे टालमटोल करके इंतजार करने के लिए कहता रहा। कई दिन बीतने के बाद भी जब यूके में कोई नौकरी नहीं मिली तो शिकायतकर्ता वापस भारत आ गया और कंपनी के आफिस में गया जहां उसे नौकरी की व्यवस्था करने की बात कही गई लेकिन कंपनी ने उसे उसके पैसे वापस करने से मना कर दिया जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
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