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Chandigarh: डीआरडीओ से 2021 में गायब हुए थे अतिसंवेदनशील दस्तावेज, टीबीआरएल को दी गई एक शिकायत से खुलासा

Mon, 16 Sep 2024 06:36 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 16 Sep 2024 06:36 AM IST
सार

टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन से 2021 में युद्धक मिसाइलें, सैन्य उपकरण और गोला-बारूद से जुड़े आंतरिक दस्तावेजों की फाइलें चोरी हुई थी। 2022 में पुलिस को शिकायत दी गई थी। 

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Sensitive documents missing from DRDO, case registered
डीआरडीओ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ सेक्टर-30 स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (टीबीआरएल) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) कार्यालय से कई गोपनीय फाइलें व दस्तावेज गायब होने का मामला सामने आया है। हालांकि, यह मामला साल 2021 का है।
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इसमें डीआरडीओ से युद्धक मिसाइलें, सैन्य उपकरण और गोला-बारूद से जुड़े अतिसंवेदनशील आंतरिक दस्तावेजों की फाइलें कार्यालय से बाहर पहुंच गईं। इस बारे में पुलिस को शिकायत दी गई। इसके आधार पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने रामदरबार निवासी सुनील कुमार व अन्य के खिलाफ शनिवार शाम (14 सितंबर) को चोरी समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
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8 जून, 2022 को पुलिस को दी गई एक शिकायत में टीबीआरएल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश चंद भाटिया ने बताया कि राम दरबार निवासी सुनील कुमार ने 15 जुलाई, 2021 को उनके कार्यालय में एक पत्र प्रस्तुत किया था। इस पत्र में युद्धक उपकरण और गोला-बारूद से जुड़े संवेदनशील आंतरिक दस्तावेजों की फोटो कॉपी लगी थी, जबकि ये दस्तावेज केवल आंतरिक उपयोग के लिए वर्गीकृत हैं।
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टीबीआरएल का दावा है कि ये दस्तावेज अवैध रूप से प्राप्त किए गए। इसका खुलासा भारत की सुरक्षा व संप्रभुता को खतरे में डाल सकता है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सुनील कुमार को ये दस्तावेज टीबीआरएल के सेवानिवृत्त तकनीकी अधिकारी खेम चंद ने उपलब्ध करवाए थे। हालांकि, जब खेम चंद से इस बारे में आधिकारिक पूछताछ की गई तो उन्होंने इन संवेदनशील दस्तावेजों को देने में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इन्कार कर दिया। 16 अगस्त, 2021 को लिखे एक पत्र में सुनील कुमार ने पुष्टि की है कि उन्होंने यह शिकायत दी थी, लेकिन इन दस्तावेजों की फोटो कॉपी उसके पास कैसे और कहां से पहुंची, इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका।


शिकायतकर्ता ने बताया कि टीबीआरएल अत्यधिक गोपनीय रक्षा संस्थान है, जो कि देश की सुरक्षा में प्रयोग होने वाली मिसाइलों और गोला-बारूद सहित विभिन्न विस्फोटक संरचनाओं के डिजाइन, विकास और परीक्षण में जुड़ा है। ऐसे दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग से गंभीर परिणाम हो सकते हैं, क्योंकि वे राष्ट्रीय रक्षा संचालन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। टीबीआरएल के अधिकारियों ने अपने स्तर पर जांच की। पुलिस की ओर से की गई प्रारंभिक जांच के बाद आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 और 379, 406, 120-बी के तहत केस दर्ज किया है।
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