{"_id":"516bdaa9f1e6a60d34505c5a969e985e","slug":"sensational-truth-about-haryana-vidhansabha-session-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा विधानसभा सत्र से जुड़ा चौंकाने वाला सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा विधानसभा सत्र से जुड़ा चौंकाने वाला सच
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Mar 2015 12:20 PM IST
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कंवर पाल गुज्जर ने कहा है कि इस बार का विधानसभा सत्र बीते दस वर्षों के बीच सबसे लंबा सत्र रहा है। इस सत्र में कुल सात बैठकें ऐसी रहीं, जिनका समय एक से डेढ़ घंटा बढ़ाया गया। बुधवार को विधानसभा सत्र स्थगित किए जाने के बाद विधानसभा परिसर में कंवर पाल गुज्जर ने पत्रकार वार्ता की।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बजट सत्र में वैसे तो कुल 13 बैठकें हुई, लेकिन सात बैठकों की समय अवधि बढ़ाए जाने के बाद समय की गणना के हिसाब से लगभग 15 बैठकें आयोजित हुईं। कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर 602 मिनट चर्चा हुई, जिसमें 33 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
इस चर्चा में सत्ता पक्ष के 17 सदस्य 259 मिनट बोले। जबकि विपक्ष के 14 सदस्य 310 मिनट बोले। दो निर्दलीय सदस्यों को अपनी बात रखने के लिए 33 मिनट का समय मिला। इसी प्रकार बजट चर्चा में 30 सदस्य बोले और यह चर्चा 439 मिनट तक चली।
विज्ञापन
इस चर्चा में सत्ता पक्ष के 16 सदस्यों को 198 मिनट । विपक्ष के 12 सदस्यों को 236 मिनट तथा दो निर्दलीय सदस्यों को पांच मिनट बोलने का समय मिला। उन्होंने बताया कि बजट की डिमांड और कटौती प्रस्तावों पर चर्चा में 17 सदस्यों ने भाग लिया। चर्चा में 162 मिनट तक विपक्षी सदस्यों को बोलने का अवसर मिला।
गैरसरकारी संकल्प पर 21 सदस्यों ने भाग लिया। 193 मिनट तक चली इस चर्चा में सत्ता पक्ष के 14 सदस्यों तथा विपक्ष के सात सदस्यों ने हिस्सा लिया। बजट सत्र की सभी बैठकों में प्रश्नकाल व ध्यानाकर्षण जैसे विषयों के अलावा 1400 मिनट चर्चा हुई।
सत्ता पक्ष की संख्या ज्यादा होते हुए भी 756 मिनट विपक्ष को दिए गये और सत्ता पक्ष को 602 मिनट दिए गए। चार निर्दलीय सदस्य भी 38 मिनट के लिए बोले। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया की मार्च 2011 के बाद यह ऐसा सत्र था, जिसमें न तो किसी सदस्य को नेम किया गया और न ही किसी सदस्य को निलंबित किया गया।