फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Semen in rape case and PSA in prostate cancer will be helpful in detection

Chandigarh News: दुष्कर्म केस में सीमन और प्रोस्टेट कैंसर में पीएसए पता लगाने में मिलेगी मदद

Thu, 25 Apr 2024 07:22 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2024 07:22 AM IST
विज्ञापन
Semen in rape case and PSA in prostate cancer will be helpful in detection
चंडीगढ़।
विज्ञापन

पंजाब यूनिवर्सिटी की रिसर्च स्कॉलर पांचाली बर्मन ने पेप्टाइड और मॉलिक्यूल डिजाइन किया है। यह हेल्थकेयर सेक्टर में प्रोस्टेट कैंसर और फॉरेंसिक साइंस में दुष्कर्म केस में सीमन का पता लगाने में मदद करेगा। 2019 से डॉ. अवनीत सैनी और डॉ. श्वेता शर्मा की देखरेख में शोध कर रही पांचाली ने प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन (पीएसए) को डिटेक्ट करने के लिए पेप्टाइड डिजाइन किया है। डॉ. शीतल शर्मा भी रिसर्च में शामिल रहे। बायोफिजिक्स से डॉ. अवनीत सैनी की पेप्टाइड में विशेषज्ञता हैं, जिनके तहत शोध के प्रोस्टेट कैंसर डिटेक्शन पर काम हुआ। इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी से प्रो. श्वेता शर्मा के नेतृत्व में पेप्टाइड का दुष्कर्म केस में सीमन डिटेक्शन पर शोध कार्य हुआ।
पीएसए एक प्रोटीन है जो पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड द्वारा निर्मित किया जाता है। प्रोस्टेट कैंसर होने पर पुरुषों के शरीर में पीएसए का स्तर बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में पांचाली के डिजाइन किए पेप्टाइड को गोल्ड नैनो प्रैक्टिकल के साथ कंजूकेट करने पर वह लाल रंग का हो जाता है। इस सॉल्यूशन में ब्लड सैंपल डालने पर इसका रंग लाल से नीला हो जाएगा, अगर खून में पीएसए अधिक मात्रा में मौजूद होगा।
विज्ञापन

अक्सर प्रोस्टेट कैंसर का पता बहुत देर से चलता है क्योंकि उसे डिटेक्ट करने के अधिक तरीके नहीं है। पेप्टाइड के जरिए प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने की प्रक्रिया में शीघ्रता आएगी। तकनीक पर पेटेंट मिलने पर अब टीम इसका पेपर आधारित प्रोटोटाइप तैयार करने में जुट गई है जिससे कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने शरीर में प्रोस्टेट कैंसर होने के चांस का पता लगा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुष्कर्म होने का देगा सबूत

हेल्थ केयर के अलावा फॉरेंसिक साइंस में दुष्कर्म केस का पता लगाने में पेप्टाइड महत्वपूर्ण साबित होगा। पीएसए प्रोटीन सीमन में भी पाया जाता है। पांचाली ने बताया कि अभी दुष्कर्म केस का पता लगाने के लिए स्पर्म है कि नहीं, इसका निरीक्षण करते हैं। लेकिन किसी ने नसबंदी कराई हो या किसी का स्पर्म काउंट कम हो तो वह हर बार दुष्कर्म केस में डिटेक्ट नहीं होता। पेप्टाइड पीएसए डिटेक्ट करने में सहायक है जो कि सीमन में होता है। सैंपल से पीएसए का होना मतलब सीमन के होने का सबूत देगा और दुष्कर्म के होने का पता लग पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed