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सैलजा बोलीं- सरकार जिद छोड़ कृषि कानून रद्द करे, अभय चौटाला ने भी उठाई बड़ी मांग
Wed, 09 Dec 2020 12:28 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:28 AM IST
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कुमारी सैलजा। (फाइल फोटो)
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हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा है कि केंद्र सरकार अपनी जिद छोड़कर नए कृषि कानूनों को तुरंत रद्द करे। उन्होंने किसानों के भारत बंद को शांतिपूर्ण सफल बनाने और हरियाणा वासियों के साथ शांतिपूर्वक आंदोलन चलाने के लिए किसानों, कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया है।
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उन्होंने कहा कि पहले ही दिन से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी के दिशा निर्देशानुसार कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं ने किसानों और मजदूरों के मुद्दों को सर्वोपरि मानते हुए उनका पूरा सहयोग किया है। बंद को सफल बनाने में भी कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी। भाजपा सरकार अपनी जिद छोड़े, हमारे अन्नदाता व मजदूर की आवाज को सुने और तीनों कानूनों को तुरंत रद्द करे।
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कांग्रेस किसानों व मजदूरों की लड़ाई को सदन से सड़क तक लडे़गी। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। सैलजा ने कहा कि एनडीए सरकार सत्ता के नशे में चूर है और उसे किसानों की चिंता नहीं है। सरकार को कड़ाके की ठंड में आंदोलन कर रहे किसानों की मांगें बिना शर्त मान लेनी चाहिए।
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शहीद किसानों के परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजा, नौकरी दे सरकार : अभय
इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों की मौत का जिम्मेदार पूर्ण रूप से केंद्र और प्रदेश की गठबंधन सरकार को बताया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार शहीद हुए हरियाणा के सभी किसानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दे।
ये मौतें सरकार की हठधर्मिता के कारण हुई हैं। उन्होंने किसानों की मांग को जायज बताते हुए कहा कि अभी भी समय है केंद्र सरकार गंभीरता दिखाते हुए उन्हें मान ले। आंदोलन के दौरान अन्नदाता की शहादत बेकार नहीं जाएगी। केंद्र सरकार को अन्नदाता के सामने झुकना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है, इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि केंद्र सरकार औद्योगिक क्षेत्र को तो बड़े-बड़े पैकेज देती है लेकिन किसानों को उसके उत्पाद का उचित मूल्य देने के बजाय काले कानून थोप कर उन्हें बर्बाद करने पर तुली है।