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Chandigarh News: पुलिस को देख छत से कूदा जग्गू भगवानपुरिया का दूसरा गुर्गा, पैर फ्रैक्चर हुआ तो पुलिस ने दबोचा
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मोहाली। घड़ूआं में 21 अगस्त को एक व्यक्ति पर फायरिंग करने के आरोप में पुलिस ने अनिल बिश्नोई के दूसरे साथी तेजिंदर पाल सिंह उर्फ पप्पल वासी गांव गुरचक्क जिला गुरदासपुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को देखकर उसने छत से कूदकर भागने की कोशिश की लेकिन बाएं पैर में फ्रैक्चर हो जाने के कारण वह भाग नहीं पाया। मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए जग्गू भगवानपुरिया गैंग के गुर्गे अनिल बिशनोई की निशानदेही पर इसे पकड़ा गया। आरोपी के पास से .30 बोर के दो पिस्टल और तीन कारतूस बरामद हुए हैं।
पुलिस को 29 अगस्त को सूचना मिली थी कि घड़ूआं में फायरिंग कर भागे आरोपी जीरकपुर के पास रेकी कर रहे हैं और वह वहां पर भी कोई वारदात करने की फिराक में हैं। सूचना पर सीआईए स्टाफ ने दबिश दी तो वहां पर अनिल बिश्नोई मिला। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने भी फायरिंग की तो उसने आत्मसमर्पण किया लेकिन इस बीच एक गोली उसके दाएं पैर में लग गई थी। उसे पुलिस ने फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। वहां पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका दूसरा साथी गुरदासपुर स्थित अपने पैतृक गांव में है। इस सूचना के बाद पुलिस ने वहां दबिश दी तो पुलिस को देखकर उसने छत से कूदकर भागने की कोशिश की लेकिन बाएं पैर में फ्रैक्चर हो जाने के कारण वह भाग नहीं पाया। पुलिस ने उसे मौके से काबू कर लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने दो पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
गांव घड़ूआं में एक व्यक्ति पर की थी फायरिंग
21 अगस्त को दो युवकों ने गांव घड़ूआं के रहने वाले मनप्रीत सिंह धनोआ पर फायरिंग की थी। गनीमत रही कि वह हमले में बच गया। फायरिंग करके भागने के दौरान पुलिस ने आरोपियों की मोटरसाइकिल और मोबाइल बरामद किया था। इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज में दोनों के चेहरे कैद हो गए थे और तब से पुलिस इन दोनों की तलाश कर रही थी।
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आरोपियों से बरामद हथियार और वाहन
पिस्टल .30 बोर = 5
कारतूस .30 बोर = 4
खोल .30 बोर = 3
चोरी की मोटरसाइकिल = 1 (अनिल बिश्नोई ने हिसार से चुराई थी)
विदेश से रची गई थी हमले की साजिश
एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि पकड़े गए दोनों गुर्गे जग्गू भगवानपुरिया गैंग के सक्रिय सदस्य अमृतपाल बल के संपर्क में थे। उन्होंने उसके कहने पर ही मनप्रीत सिंह धनोआ पर फायरिंग की थी। इस मामले में मनप्रीत ने बताया था कि उसे पहले भी कई बार फोन पर धमकियां मिली थीं। जब उस पर यह फायरिंग हुई तो जग्गू भगवानपुरिया ग्रुप ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी भी ली थी।
कोट्स..
आरोपी अनिल बिश्नोई के पीछे पुलिस कई दिनों से लगी हुई थी। आरोपी की दाईं टांग पर गोली लगी है। अभी उसकी हालत ठीक है। वहीं, उसके दूसरे साथी को भी पकड़ लिया गया है। रिमांड के दौरान और खुलासे होने की संभावना है। -गुरशेर सिंह संधू, डीएसपी डिटेक्टिव
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पुलिस को 29 अगस्त को सूचना मिली थी कि घड़ूआं में फायरिंग कर भागे आरोपी जीरकपुर के पास रेकी कर रहे हैं और वह वहां पर भी कोई वारदात करने की फिराक में हैं। सूचना पर सीआईए स्टाफ ने दबिश दी तो वहां पर अनिल बिश्नोई मिला। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने भी फायरिंग की तो उसने आत्मसमर्पण किया लेकिन इस बीच एक गोली उसके दाएं पैर में लग गई थी। उसे पुलिस ने फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। वहां पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका दूसरा साथी गुरदासपुर स्थित अपने पैतृक गांव में है। इस सूचना के बाद पुलिस ने वहां दबिश दी तो पुलिस को देखकर उसने छत से कूदकर भागने की कोशिश की लेकिन बाएं पैर में फ्रैक्चर हो जाने के कारण वह भाग नहीं पाया। पुलिस ने उसे मौके से काबू कर लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने दो पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
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गांव घड़ूआं में एक व्यक्ति पर की थी फायरिंग
21 अगस्त को दो युवकों ने गांव घड़ूआं के रहने वाले मनप्रीत सिंह धनोआ पर फायरिंग की थी। गनीमत रही कि वह हमले में बच गया। फायरिंग करके भागने के दौरान पुलिस ने आरोपियों की मोटरसाइकिल और मोबाइल बरामद किया था। इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज में दोनों के चेहरे कैद हो गए थे और तब से पुलिस इन दोनों की तलाश कर रही थी।
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आरोपियों से बरामद हथियार और वाहन
पिस्टल .30 बोर = 5
कारतूस .30 बोर = 4
खोल .30 बोर = 3
चोरी की मोटरसाइकिल = 1 (अनिल बिश्नोई ने हिसार से चुराई थी)
विदेश से रची गई थी हमले की साजिश
एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि पकड़े गए दोनों गुर्गे जग्गू भगवानपुरिया गैंग के सक्रिय सदस्य अमृतपाल बल के संपर्क में थे। उन्होंने उसके कहने पर ही मनप्रीत सिंह धनोआ पर फायरिंग की थी। इस मामले में मनप्रीत ने बताया था कि उसे पहले भी कई बार फोन पर धमकियां मिली थीं। जब उस पर यह फायरिंग हुई तो जग्गू भगवानपुरिया ग्रुप ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी भी ली थी।
कोट्स..
आरोपी अनिल बिश्नोई के पीछे पुलिस कई दिनों से लगी हुई थी। आरोपी की दाईं टांग पर गोली लगी है। अभी उसकी हालत ठीक है। वहीं, उसके दूसरे साथी को भी पकड़ लिया गया है। रिमांड के दौरान और खुलासे होने की संभावना है। -गुरशेर सिंह संधू, डीएसपी डिटेक्टिव