फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   see 19 sacred souvenir of Guru Gobind Singh from today

आज से करें गुरु गोबिंद सिंह की पवित्र निशानियों के दर्शन

Wed, 06 May 2015 07:56 AM IST
रिंपी गुप्ता/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
रिंपी गुप्ता/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब) Updated Wed, 06 May 2015 07:56 AM IST
विज्ञापन
see 19 sacred souvenir of Guru Gobind Singh from today

श्री गुरु गोबिंद सिंह की पवित्र निशानियों को विशेष बस के जरिये पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब से बुधवार को नगर कीर्तन के रूप में प्रदेश भर की लाखों संगतों के दर्शनों के लिए ले जाया जाएगा।

विज्ञापन


यह विशेष बस सवा दो करोड़ की लागत से तैयार कराई गई है। रवानगी के मौके पर हवाई जहाज के जरिये इन निशानियों पर फूलों की वर्षा की जाएगी। नगर कीर्तन में हाथी व घोड़ों के साथ फौजी व पुलिस बैंड, गतका की टीमों व स्कूली स्टूडेंट्स भी हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन


नगर कीर्तन के मद्देनजर शहर की सजावट करने, संगतों के लिए लंगर का प्रबंध करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था व आवाजाही को सुचारु रखने के इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल समेत ओर भी कई कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे इन निशानियों को पंजाब भर में संगतों को दर्शन कराने के बाद 20 मई को तख्त श्री केसगढ़ साहिब में सुशोभित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लाखों की संगतों के मद्देनजर पटियाला पुलिस ने ट्रैफिक के पुख्ता प्रबंध किए हैं। एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान के मुताबिक सरहंद की तरफ से आने वाले वाहनों में भारी वाहनों को सरहंद बाईपास से डीएमडब्लयू की तरफ को मोड़े जाएंगे।

बाकी वाहन हेमकुंट पेट्रोल पंप से फैक्टरी एरिया से होकर होटल फ्लाईओवर के नजदीक बस अड्डे की तरफ जाएंगे। यह प्रबंध सुबह सात बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक रहेंगे।

किला मुबारक की अलमारी में बंद थी 19 पवित्र निशानियां

see 19 sacred souvenir of Guru Gobind Singh from today

राजपुरा रोड से आने वाले वाहनों में समाना व संगरूर जाने वाली वाहन बस स्टैंड के पुल के नीचे से होकर माल रोड से होकर फब्बारा चौक के जरिये जाएगे। सरहंद को जाने वाला ट्रैफिक काका होटल वाले मोड़ कट से होकर फैक्टरी एरिया जरिये चलेगा।

श्री गुरु गोबिंद सिंह पवित्र निशानियों में कंघा, केस, दस्तार, चोला साहिब, जपुजी साहिब, बड़ी किरपान, छोटी किरपान, हस्त लिखितें आदि शामिल हैं। यह निशानियां पहले नाभा के शाही परिवार के पास थीं।

शाही परिवार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करके इन निशानियों को योग्य स्थान पर संभालने की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने छह नवंबर 2009 को यह निशानियां श्री आनंदपुर साहिब भेजने के लिए कहा था। लेकिन एसजीपीसी ने प्रबंध करने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा।

इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से अस्थायी तौर पर इन निशानियों को पटियाला के किला मुबारक में एक बंद अलमारी में रखवा दिया गया। सिख जत्थेबंदियों के संघर्ष के बाद 28 अप्रैल को इन निशानियों को एसजीपीसी ने अलमारी से निकाल कर गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब शिफ्ट किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed