{"_id":"67382dc4da40a2f4330e542c","slug":"security-guard-tender-ended-at-midnight-in-chandigarh-pgi-new-company-denied-license-2024-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"PGI: आधी रात को सिक्योरिटी गार्ड का टेंडर खत्म, सुबह ड्यूटी पर पहुंचे कर्मी तो प्रशासन बोला-पगार नहीं देंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PGI: आधी रात को सिक्योरिटी गार्ड का टेंडर खत्म, सुबह ड्यूटी पर पहुंचे कर्मी तो प्रशासन बोला-पगार नहीं देंगे
Sat, 16 Nov 2024 11:36 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 16 Nov 2024 11:36 AM IST
सार
टेंडर की प्रक्रिया लाइसेंस ना मिलने के कारण बाधित होने से पीजीआई की अब सुरक्षा की सारी व्यवस्था 120 नियम सुरक्षा कर्मचारियों के कंधे पर एक गाई है। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन ने नियमित कर्मचारी के साप्ताहिक अवकाश और छुट्टियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
विज्ञापन
अनुबंध खत्म होने के बाद भी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई में सिक्योरिटी गार्ड का टेंडर शुक्रवार रात 12 बजे समाप्त हो गया लेकिन पीजीआई प्रशासन के पास नई कंपनी को टेंडर देने के बावजूद अनुबंध पर सुरक्षाकर्मी उपलब्ध नहीं हुए हैं। वहीं टेंडर खत्म होने के बाद भी शनिवार को कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे। प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। सुरक्षा कर्मी अपनी जिद पर अड़े तो पीजीआई प्रशासन ने कहा कि टेंडर खत्म हो गया, अब वेतन नहीं देंगे।
केंद्रीय श्रम बोर्ड के निर्देशानुसार श्रम आयुक्त ने नई कंपनी को लाइसेंस नहीं दिया है। वहीं मानकों के बीच में फंसे पूर्व कर्मचारी बेहद तनाव में है। फिलहाल पूर्व कर्मी तय शेड्यूल और स्थान के अनुसार सुबह से ड्यूटी कर रहे हैं।
विज्ञापन
कारण केंद्रीय श्रम बोर्ड की ओर से सुरक्षा कर्मियों को नियमित किए जाने के आदेश का पालन करते हुए श्रम आयुक्त का टेंडर वाली नई कंपनी को लाइसेंस न देना है। ऐसी स्थिति में लाइसेंस न मिलने के कारण नई कंपनी कर्मचारियों की तैनाती करने में असमर्थ है। जिसके कारण पीजीआई की सुरक्षा व्यवस्था पर तलवार लटकने लगी है। वहीं दूसरी तरफ पीजीआई कॉन्ट्रैक्ट सिक्योरिटी गार्ड वर्कर यूनियन इस असमंजस की स्थिति से काफी रोष में है। उनका कहना है कि केंद्रीय श्रम बोर्ड के निर्देशानुसार अब वे पीजीआई के नियमित कर्मचारी हो गए हैं। इसके बावजूद पीजीआई प्रशासन उन्हें ड्यूटी पर ना आने का आदेश दे चुका है। वही पीजीआई प्रशासन का कहना है कि वह पुरानी कंपनी के कर्मचारियों को किसी भी सूरत में वेतन नहीं देंगे। वही नए ठेकेदार को लाइसेंस न दिए जाने के मामले पर पीजीआई प्रशासन का कहना है कि वह व्यवस्था को ठीक करने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय श्रम बोर्ड के निर्देशानुसार श्रम आयुक्त ने नई कंपनी को लाइसेंस नहीं दिया है। वहीं मानकों के बीच में फंसे पूर्व कर्मचारी बेहद तनाव में है। फिलहाल पूर्व कर्मी तय शेड्यूल और स्थान के अनुसार सुबह से ड्यूटी कर रहे हैं।
विज्ञापन
कारण केंद्रीय श्रम बोर्ड की ओर से सुरक्षा कर्मियों को नियमित किए जाने के आदेश का पालन करते हुए श्रम आयुक्त का टेंडर वाली नई कंपनी को लाइसेंस न देना है। ऐसी स्थिति में लाइसेंस न मिलने के कारण नई कंपनी कर्मचारियों की तैनाती करने में असमर्थ है। जिसके कारण पीजीआई की सुरक्षा व्यवस्था पर तलवार लटकने लगी है। वहीं दूसरी तरफ पीजीआई कॉन्ट्रैक्ट सिक्योरिटी गार्ड वर्कर यूनियन इस असमंजस की स्थिति से काफी रोष में है। उनका कहना है कि केंद्रीय श्रम बोर्ड के निर्देशानुसार अब वे पीजीआई के नियमित कर्मचारी हो गए हैं। इसके बावजूद पीजीआई प्रशासन उन्हें ड्यूटी पर ना आने का आदेश दे चुका है। वही पीजीआई प्रशासन का कहना है कि वह पुरानी कंपनी के कर्मचारियों को किसी भी सूरत में वेतन नहीं देंगे। वही नए ठेकेदार को लाइसेंस न दिए जाने के मामले पर पीजीआई प्रशासन का कहना है कि वह व्यवस्था को ठीक करने के प्रयास में जुटे हुए हैं।