राम रहीमः पंचकूला हिंसा के बाद हरियाणा सरकार ने सीखे सबक, इस बार बनाई गई थी नई रणनीति
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साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिए जाने पर राम रहीम के अनुयायियों ने पंचकूला को हिंसा की आग में झोंक दिया था। पंचकूला के अलावा सिरसा और पंजाब में भी हिंसक झड़पें हुई थीं। 25 अगस्त 2017 को हुई इस हिंसा में 42 लोगों की जान गई। हिंसा भड़काने वाले अनेक मोस्टवांटेड अब तक पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। राम रहीम का खास राजदार आदित्य इंसा भी अब तक फरार चल रहा है।
सरकार ने इस हिंसा से बड़ा सबक लिया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने कदम दर कदम सबक सीखे और प्रदेश को आग के हवाले होने से बचाया। राम रहीम के मामले में सरकार के सामने एक और अग्निपरीक्षा 2019 में नए साल के पहले महीने में ही थी। लेकिन, पुराने मामले से सबक ले चुकी सरकार ने राजनीतिक के बचाए कूटनीतिक फैसले लिए।
कानूनविदों के साथ ही गृह और पुलिस विभाग के तजुर्बेकार अधिकारियों को रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के मामले में कमान सौंपी गई। सीएम मनोहर लाल ने साफ कर दिया था कि हत्याकांड के मामले में फैसले और सजा सुनाए जाने के दिन वह किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं चाहते। गृह सचिव एसएस प्रसाद और डीजीपी बीएस संधू ने सीएम को आश्वस्त किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ किसी को भी शांतिभंग करने की अनुमति नहीं होगी।
सीएम ने सटीक निर्णयों पर थपथपाई पीठ
गृह सचिव एसएस प्रसाद ने पुलिस कप्तान बीएस संधू और अन्य अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कर राम रहीम को जेल में ही मौजूद रहकर दोषी ठहराने और सजा सुनाने का तोड़ निकाल डाला। प्रसाद ने इसमें एडवोकेट जरनल बलदेव राज महाजन के कानूनी अनुभव की भी मदद ली और राम रहीम को न तो व्यक्तिगत तौर पर दोषी करार देने व न ही सजा सुनाए जाने के दिन सीबीआई कोर्ट में पेश होने दिया।
इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग को सरकार ने अपनी ढाल बनाया। सीएम मनोहर लाल ने राम रहीम के मामले में गृह और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों की सटीक निर्णय लेने को लेकर पीठ थपथपाई है।
कम सजा के लिए अनुयायियों ने खूब की दुआएं
राम रहीम को वीरवार को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने सजा सुनानी थी। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बेशक जेल में है, लेकिन उनके अनेक अनुयायी अब भी मौजूद हैं। राम रहीम को रामंचद्र छत्रपति हत्याकांड में कम से कम सजा हो, इसके लिए सरकारी कार्यालयों में मौजूद उनके अनुयायी शाम तक दुआएं करते रहे। इस दौरान अनेक अनुयायी मुंह में कुछ गुनगुनाते भी रहे।