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किस रास्ते से जम्मू में दाखिल हुए आंतकी, तीन दिन बाद भी हाथ खाली, खंगाले जाएंगे सीसीटीवी

Sun, 15 Sep 2019 07:18 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 15 Sep 2019 07:18 PM IST
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Security agencies are investigate route Of terrorist In Pathankot
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनपुर में तीन दिन पहले कठुआ पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। आतंकी पठानकोट से होते हुए लखनपुर पहुंचे लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बावजूद पठानकोट पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई कि आतंकियों ने कौन सा रास्ता अपनाया। 

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पाकिस्तान की सीमा से सटा होने के कारण पंजाब का सबसे संवेदनशील जिला होने के बावजूद आतंकी पठानकोट से निकल गए और पुलिस को पता ही नहीं चला। वहीं, जम्मू-कश्मीर में दाखिल होते ही आतंकियों को दबोच लिया गया। इस सारे प्रकरण से पठानकोट पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शनिवार को इस संबंध में एसएसपी पठानकोट दीपक हिलोरी ने बमियाल में बीएसएफ अधिकारियों से बैठक की। इसके अलावा पुलिस के अन्य अधिकारी नाकों पर जाकर सुरक्षा जांचते रहे। 
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छह महीने में दूसरी बार हुई पठानकोट पुलिस की किरकिरी
इसी साल मार्च में वांटेड गैंगस्टर पम्मा भारत-पाक सीमा से सटे बमियाल में किराए के मकान में 2 महीने तक रहा लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पम्मा ने जैसे ही पंजाब की हद पार की, जम्मू-कश्मीर में घुसते ही कठुआ पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इस बात का खुलासा खुद पम्मा ने कठुआ पुलिस को दिए बयान में किया था। अब ताजा मामले में सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि उक्त आतंकी भी पठानकोट या पंजाब के किसी अन्य शहर में पनाह लिए हुए थे।

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अमृतसर से लेकर लखनपुर तक के सीसीटीवी खंगाल रही एजेंसियां
खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि आतंकी पंजाब में कहां से आए और किन रास्तों के जरिए लखनपुर पहुंचे। बताया जा रहा है कि अमृतसर से लेकर पठानकोट होते हुए बमियाल और माधोपुर दोनों रास्तों पर मुख्य सड़कों और लिंक मार्गों के किनारे की दुकानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आतंकियों के रूट को समझा जा सके, उसके बाद ही आतंकियों के मददगारों तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि माधोपुर जाने वाला रास्ता एनएच-44 से होकर गुजरता है, इस रूट पर बड़े होटल, शोरूम और दुकानें हैं। जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां बमियाल सेक्टर से कठुआ जाने वाले रास्तों पर अधिक सतर्कता से जांच में जुटी हैं। 

2016 में भी बमियाल के रास्ते आए थे आतंकी, एयरबेस पर किया था अटैक
पठानकोट का बमियाल सेक्टर भारत-पाक सीमा से सटा है। कम विकसित एरिया होने के चलते आतंकियों ने 2016 पठानकोट एयरबेस अटैक के समय भी इसी रास्ते को चुना था। तब आतंकियों ने गुरदासपुर के एसपी सलविंदर की गाड़ी को हाइजैक किया था और उसी में वे पठानकोट एयरबेस तक पहुंचे थे। 

आतंकियों के साथ लोकल गाइड होने की संभावना
सूत्रों की मानें तो आतंकियों ने पठानकोट से गुजरने के लिए उन रास्तों का प्रयोग किया जहां स्थानीय पुलिस और आईआरबी के स्थायी नाके नहीं थे। अब सवाल है कि आतंकी यदि ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रक लेकर गुजरे तो उन्हें लिंक मार्गों की सटीक जानकारी कैसे मिली। माना जा रहा है कि स्थानीय मदद के बिना आतंकी ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रक लेकर नहीं जा सकते थे। मदद करने वालों की तलाश में अमृतसर से लेकर बमियाल होते हुए जम्मू सीमा तक के मार्गों की पड़ताल की जा रही है। 

आतंकी पठानकोट से गुजरे लेकिन कहां से गुजरे इसकी जानकारी कठुआ पुलिस के पास होगी। हमने अभी तक आतंकियों से पूछताछ नहीं की है। चंडीगढ़ हेडक्वार्टर से एक टीम जम्मू जा चुकी है। आतंकियों की पूछताछ के आधार पर उनका रूट पता चल पाएगा। हम अपने स्तर पर जांच में जुटे हैं। -दीपक हिलोरी, एसएसपी, पठानकोट

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