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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sector 18 Conditions in Chandigarh

देखिए, कितने बदहाल हैं सेक्टर 18 के हाल

Sat, 01 Mar 2014 04:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 01 Mar 2014 04:35 PM IST
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Sector 18 Conditions in Chandigarh
कभी शहर का मॉडर्न सेक्टर कहलाने वाला सेक्टर-18 इस समय अनदेखी का शिकार है। पिछले दो सालों से यहां लोगों की समस्याओं का निपटारा नहीं किया जा रहा है।
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हालत ये हैं कि पूरे सेक्टर में जगह-जगह सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। पार्कों के रखरखाव की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। पार्कों में जगह-जगह पड़े गड्ढों में पानी भरा रहता है।

इलाके के लोगों का कहना है कि स्थानीय पार्षद और नगर निगम अधिकारी इस सेक्टर की समस्याओं से मुंह फेरे बैठे हैं। अब लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं तो सेक्टर-18 की ये समस्याएं बड़ा चुनावी मुद्दा हो सकती हैं।
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ये हैं इलाके के लोगों की मांगे
- सड़कों की रीकारपेटिंग करवाई जाए
- पार्कों के रखरखाव का काम आरडब्ल्यूए को दिया जाए
- सेक्टर में कम्युनिटी पार्किंग बनाई जाए
- कम्युनिटी सेंटर का विस्तार किया जाए
- सेक्टर के सभी पीजी की वेरीफिकेशन करवाई जाए

क्या कहते हैं लोग

सेक्टर में अवैध पीजी की भी संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। पीजी पर पुलिस व प्रशासन का कोई चेक नहीं है। पीजी बढ़ने से एक तो सेक्टर में पार्किंग की समस्या बढ़ रही है, दूसरा लड़के हुल्लड़बाजी भी खूब करते हैं।
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सुनील चोपड़ा, अध्यक्ष रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-18

कम्युनिटी सेंटर का तो बहुत बुरा हाल है। शायद पूरे शहर में सबसे छोटा कम्युनिटी सेंटर ही हमारे यहां है। लोगों का कोई बड़ा फंक्शन भी यहां नहीं हो सकता।
एसएल गोयल, स्थानीय निवासी


छह महीने पहले ही अभी सड़क बनाई थी, लेकिन वह सड़क भी अब टूटने लगी है। सेक्टर-18सी में टैगोर थिएटर तक पूरे रोड पर एक साल पहले सड़क उखड़वा दी थी, लेकिन उस पर रीकारपेटिंग नहीं हो सकी।
एसपी बंसल, स्थानीय निवासी

यहां इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में तो अतिक्रमण ने लोगों के लिए बहुत मुश्किलें खड़ी कर रखी हैं। ग्रीन बेल्ट को जाने वाला रास्ता ही अतिक्रमण के कारण बंद हो गया है।
विकास सोबती, स्थानीय निवासी

सेक्टर में लोगों को पार्किंग की बहुत दिक्कतें होती हैं। कुछ जगहों पर तो कम्युनिटी पार्किंग बनाई गई हैं, लेकिन बाकी जगह भी बननी चाहिए।
हरिंदर गोयल, स्थानीय निवासी

बुजुर्गों का पार्कों से गुजरना मुश्किल हो चुका है। पार्कों में नए जॉगिंग ट्रैक बनाए गए थे, लेकिन वह काम भी बीच में ही छोड़ दिया।
बचित्तर सिंह सिद्घू,स्थानीय निवासी

यहां पार्क में टॉयलेट तो बना दिया, लेकिन जब से टॉयलेट बना है तब से यह बंद ही पड़ा है।
रत्न लाल चोपड़ा, स्थानीय निवासी

पार्कों में बने टॉयलेट का तो बहुत बुरा हाल है। एक टॉयलेट के आसपास तो बहुत गंदगी रहती है और हमेशा पानी खड़ा रहता है। टॉयलेट तक जाने के लिए भी जगह नहीं है।

आरके टंडन, स्थानीय निवासी


मैंने पार्षद को उनके घर जाकर खुद लिखित शिकायत दी थी कि हमारे यहां सड़कों की रीकारपेटिंग की जाए और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था हो, लेकिन हुआ अभी तक कुछ भी नहीं है।  
ऋषि राज, स्थानीय निवासी


15-20 दिन में होगी सड़क की रीकारपेटिंग
‘सेक्टर-18 में वी-5 रोड की रीकारपेटिंग करनी है, लेकिन सर्दियों का मौसम आने के चलते काम नहीं हो सका। अब 15-20 दिन में रोड की रीकारपेटिंग की जाएगी। सेक्टर के कुछ पार्कों के रखरखाव का काम एक एनजीओ को सौंपा था, लेकिन उसका काम पहले भी बेहतर नहीं था। इसलिए उन्हें वार्निंग दी गई थी। अगर वे पार्कों का सही रखरखाव नहीं कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
मुकेश बस्सी, स्थानीय पार्षद
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