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सेक्टर-17 और पूरा शापिंग काम्प्लेक्स होगा नो वेंडिंग जोन, नोटिफिकेशन जल्द
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Nov 2017 09:16 AM IST
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- फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ का सेक्टर-17 और पूरे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया जा रहा है। इसकी जल्द ही नोटिफिकेशन भी जारी कर दी जाएगी। यह जानकारी चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को दे दी गई है इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन से मामले की अगली सुनवाई पर कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दे दिए हैं।
हाई कोर्ट ने ही पिछली सुनवाई पर सेक्टर-17 में शाम के समय फड़ी वालों की बढ़ती जा रही संख्या पर चिंता जताई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि, पहले तो यहां इतनी फड़ियां नहीं दिखाई देती थीं। लेकिन अब हर रोज फड़ियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। क्या इस बारे में चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम कुछ नहीं कर रहे हैं।
इसके जवाब में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया था की, स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत आजकल रेहड़ी-फड़ी वालों का सर्वे चल रहा है और लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। लाइसेंस लेने की इसी होड़ के चलते ही सेक्टर-17 में फड़ियां ज्यादा नजर आ रही हैं। एक्ट के चलते उन्हें कुछ कहा नहीं जा सकता। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि, क्या इसे नो-वेंडिंग जोन घोषित नहीं किया जा सकता है। सिर्फ सेक्टर-17 ही नहीं, बल्कि सेक्टर-22 और सेक्टर-19 का भी यही हाल है। इसके जवाब में प्रशासन ने बताया था की, फिलहाल वार्ड नंबर-1 जिसमे सेक्टर-1 से लेकर सेक्टर-7 तक आते हैं। वहां वेंडर्स को लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं और इस पूरे वार्ड को ही नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया है, क्योंकि यह वर्ल्ड हैरिटेज साइट है। इसलिए इस पूरे वार्ड को नो-वेंडिंग जोन बनाना जरूरी था।
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प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि इसी तरह ही सेक्टर-17 और सेक्टर-22 में भी नो वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। जहां रेहड़ी-फड़ी लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी होगी। इसी के साथ वेंडिंग जोन भी तय होंगे, जहां रेहड़ी-फड़ी लगाई जा सकती है। इस पर प्रशासन अभी गौर कर रहा है।
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हाई कोर्ट ने ही पिछली सुनवाई पर सेक्टर-17 में शाम के समय फड़ी वालों की बढ़ती जा रही संख्या पर चिंता जताई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि, पहले तो यहां इतनी फड़ियां नहीं दिखाई देती थीं। लेकिन अब हर रोज फड़ियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। क्या इस बारे में चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम कुछ नहीं कर रहे हैं।
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इसके जवाब में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया था की, स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत आजकल रेहड़ी-फड़ी वालों का सर्वे चल रहा है और लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। लाइसेंस लेने की इसी होड़ के चलते ही सेक्टर-17 में फड़ियां ज्यादा नजर आ रही हैं। एक्ट के चलते उन्हें कुछ कहा नहीं जा सकता। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि, क्या इसे नो-वेंडिंग जोन घोषित नहीं किया जा सकता है। सिर्फ सेक्टर-17 ही नहीं, बल्कि सेक्टर-22 और सेक्टर-19 का भी यही हाल है। इसके जवाब में प्रशासन ने बताया था की, फिलहाल वार्ड नंबर-1 जिसमे सेक्टर-1 से लेकर सेक्टर-7 तक आते हैं। वहां वेंडर्स को लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं और इस पूरे वार्ड को ही नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया है, क्योंकि यह वर्ल्ड हैरिटेज साइट है। इसलिए इस पूरे वार्ड को नो-वेंडिंग जोन बनाना जरूरी था।
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प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि इसी तरह ही सेक्टर-17 और सेक्टर-22 में भी नो वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। जहां रेहड़ी-फड़ी लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी होगी। इसी के साथ वेंडिंग जोन भी तय होंगे, जहां रेहड़ी-फड़ी लगाई जा सकती है। इस पर प्रशासन अभी गौर कर रहा है।