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सेक्टर-15 की मंडी शिफ्ट, हजारों लोग टैंशन में
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 02 May 2014 10:37 AM IST
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सेक्टर-15 से साप्ताहिक सब्जी मंडी सेक्टर-20 में शिफ्ट होने से कई सेक्टरों और कालोनियों के हजारों लोगों की टेंशन बढ़ गई। यह एक ऐसी मंडी थी, जो सिर्फ पंचकूला को ही नहीं, बल्कि पंजाब और चंडीगढ़ के एक बड़े समूह (हजारों परिवार) को कवर करती थी।
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इस मंडी में पंचकूला सेक्टर-14, 15, 16, 17, 19 इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 व 2, अभयपुर गांव, राजीव कालोनी, इंदिरा कालोनी, पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 सीमा से सटे हरमिलापनगर, बलटाना के लोग भी खरीदारी करते आते थे।
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अब मंडी की शिफ्टिंग होने से इन तमाम एरिया के लोगों को सब्जियों की खरीदारी के लिए ज्यादा समय भी खर्च करना पड़ेगा और गाड़ियों में पेट्रोल भी।
सेक्टर-20 के फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक जाम की दिक्कत आएगी, वह अलग। इसलिए जिससे इस मसले पर बात की गई, सबने इस मंडी की शिफ्टिंग का विरोध ही किया।
पैसे नहीं बचेंगे तो मंडी जाकर क्या फायदा
रेजीडेंट्स की दलील है कि सेक्टर-15 में मंडी लगने से आसपास के लोगों को सबसे बड़ी दिक्कत थी, अगले दिन सफाई नहीं होना। यदि मंडी लगने के अगले दिन हर रविवार को साफ-सफाई चाक-चौबंद करा दी जाए तो लोगों की समस्या खुद-ब-खुद दूर हो जाएगी।
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सेक्टर-15 की ही ऐसी मंडी थी, जो आसपास की सभी मंडियों से सस्ती थी। लोग कुछ पैसे बचाने के लिए ही तो मंडी में सब्जी खरीदने जाते हैं। यदि पैसे बचेंगे ही नहीं, तो मंडी में खरीदारी करने का क्या फायदा?
दुकानदार भी कर रहे हैं विरोध
प्रशासनिक अधिकारियों ने दो दिन पहले बैठक कर सेक्टर-15 और सेक्टर-16 की मंडी को सेक्टर-20 में शिफ्ट करने के आदेश तो दे दिए, लेकिन इसके बाद रेजिडेंट्स के अलावा मंडी में स्थायी जगह ले चुके दुकानदार भी इसका विरोध करने लगे हैं।
शिफ्ट ही करनी थी, तो फेंसिंग क्यों कराई
सेक्टर-15 की मंडी से आसपास के लोगों को दिक्कत न हो, इस लिहाज से हाल में ही करीब पौने दो लाख की लागत से मंडी की फेंसिंग कराई गई। अब लोगों ने यह सवाल उठाया है कि यदि मंडी को शिफ्ट ही करना था तो फेंसिंग में लाखों रुपये क्यों बर्बाद किए गए? यदि अधिकारियों ने पहले ही मूड बना लिया था कि मंडी शिफ्ट करनी है तो इस पैसे को किसी और विकास कार्य में लगाया जा सकता था।
ये है सेक्टर-15 मंडी का कवर एरिया
सेक्टर-14
सेक्टर-15
सेक्टर-16
सेक्टर-17
सेक्टर-19
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 व 2
अभयपुर गांव
राजीव कालोनी
इंदिरा कालोनी
हरमिलापनगर
बलटाना
प्रतिनिधि भी विरोध में अधिकारियों की सुनिए
मंडी को शिफ्ट नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि दो महीने पहले करीब पौने दो लाख रुपये की लागत से फेंसिंग कराई गई है। साफ-सफाई के बेहतर इंतजाम के साथ-साथ वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था किए जाने से ही हजारों लोगों को राहत मिल जाएगी। इस संबंध में जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करूंगा और अधिकारियों को भी इस पर दोबारा विचार करना चाहिए।
- सुनील तलवार, डिप्टी मेयर
प्रशासन के इस फैसले से यही लगता है कि प्रशासन अपनी जिम्मेवारियों से पल्ला झाड़ रहा है। मंडी के दुकानदारों से जो फीस वसूले जाते हैं, उसका सफाई में भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यहां इतनी जगह है कि अपनी मंडी की जगह किसान मंडी लग सकती है। पहले भी वर्ष 1990 से सेक्टर-8/17 चौक के पास सेक्टर-17 की किसान मंडी लगती थी। सेक्टर-15 में पिछले दस वर्षों से मंडी लगती है। इसकी शिफ्टिंग से हजारों परिवारों की मुश्किल बढ़ जाएगी।
- एसके नैयर, प्रेसिडेंट, सिटिजंस वेलफेयर एसोसिएशन
पार्किंग के लिए जगह तय की जानी चाहिए, न कि मंडी को शिफ्ट किया जाना चाहिए। मंडी शिफ्ट होने के आदेश जारी होते ही रेहड़ी वालों ने 10-15 फीसदी रेट बढ़ा दिए हैं। फिर आगे उनकी कितनी मनमानी चलेगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
- सुनिल वशिष्ट, सदस्य, ग्रीवेंस कमेटी
दुकानदार भी हैं नाराज
सेक्टर-20 में मंडी शिफ्ट होने पर दुकान बंद करने के बाद वहां जाना पड़ेगा, जिससे परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी।
- प्रदीप, दुकानदार
मंडी में साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए। मंडी ही शिफ्ट कर देना इसका समाधान नहीं है। प्रशासन के इस आदेश से लोगों की परेशानियां और बढ़ जाएंगी।
- गुरमीत, दुकानदार
रेजिडेंट्स ये कहते हैं
डी में साफ-सफाई के साथ-साथ वाहनों की पार्किंग की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इन दोनों समस्याओं का समाधान करने से हजारों लोगों को राहत मिल जाएगी।
- ईशा वर्मा, सेक्टर-15
इस मंडी के शिफ्ट होने से हजारों लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। फिलहाल इसे शिफ्ट नहीं करना चाहिए, बल्कि साफ-सफाई में कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सफाई में बरती जाने वाली लापरवाही का खामियाजा भला हजारों लोग क्यों भुगतें?
-विजय, सेक्टर-15
सेक्टर-15 सब्जी मंडी को शिफ्ट नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि शनिवार को छोड़कर अन्य दिनों में भी दो वैन रोजाना सेक्टर-15 में लगाई जानी चाहिए। वहां सरकारी रेट और वजन निर्धारित हो, लेकिन, यह तो हो नहीं रहा है। ऊपर से मंडी शिफ्ट कर लोगों को और मुश्किल में डाल दिया गया है।
- अनूप सिंह, सेक्टर-15