खुलासा: वैक्सीन की दूसरी डोज देर से लेने वाले ज्यादा फायदे में, तीन माह बाद लगवाना और भी कारगर
पीजीआई चंडीगढ़ में कोरोना रोधी टीके के ट्रायल की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. मधु गुप्ता ने अध्ययन के बाद यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि 28 दिन के बाद वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने वालों में 60 फीसदी एंटीबॉडीज मिली हैं। जबकि 90 दिन बाद टीका लगवाने वालों में 80 प्रतिशत से ज्यादा एंटीबॉडीज मिली हैं।
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कोरोना टीकाकरण अभियान में दूसरी खुराक की समय सीमा बढ़ाने से भ्रम की स्थिति बन गई है। पहली खुराक लगवाने के बाद लोग जल्द से जल्द दूसरी लगवाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि ज्यादा विलंब होने पर टीके का असर खत्म न हो जाए। इस भ्रम को दूर करते हुए पीजीआई में कोविशिल्ड के ह्यूमन ट्रायल की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर रहीं सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग की डॉ. मधु गुप्ता का कहना है कि विलंब से दूसरी खुराक लगवाना ज्यादा कारगर साबित होगा।
अध्ययन में यह बात साबित हो चुकी है कि 28 दिन के बजाय 2 से 3 महीने बाद दूसरी खुराक लगवाने पर संक्रमण से लड़ने की क्षमता और ज्यादा बढ़ जाती है। डॉ. मधु का कहना है कि दोनों खुराक लगवाने के बाद व्यक्ति आठ महीने से एक साल तक संक्रमण से सुरक्षित रह सकता है।
टीका लगवाने में देरी करने वाले रहे फायदे में
डॉ. मधु गुप्ता ने बताया कि शुरुआती दौर में स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक देने के बाद 28 दिन दूसरी देनी थी लेकिन ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मी तय समय पर खुराक लेने नहीं पहुंचे। कुछ दो महीने पर टीका लगवाने पहुंचे तो कुछ तीन महीने के बाद। जब इनमें एंटीबॉडी की स्थिति का अध्ययन किया गया तो 28 दिन पर दूसरी खुराक लेने वालों में एंटीबॉडीज 62 प्रतिशत मिली जबकि तीन महीने बाद वालों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मिली। इससे यह बात साबित हुआ 28 दिन की तुलना में 2 से 3 महीने बाद दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थी में प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा अच्छी रही है।
बूस्टर डोज पर अध्ययन जारी
टीकाकरण अभियान में दो खुराक लगवाने के बाद बूस्टर डोज पर अध्ययन जारी है। डॉ. मधु का कहना है कि अध्ययन की रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि इसके लिए 6 से 7 महीने के बाद बूस्टर डोज लेना जरूरी है कि नहीं।
डबल मास्क लगाना बेहद जरूरी
डॉ. मधु गुप्ता का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए टीके की दोनों खुराक लेने के बाद भी मास्क का उपयोग बेहद जरूरी है। सिंगल कॉटन का मास्क पहनने के साथ उसके ऊपर सर्जिकल मास्क पहनना ज्यादा कारगर साबित होगा। कपड़े वाले मास्क के ऊपर सर्जिकल मास्क लगाकर ही बाहर निकलें।
सरकार ने बदली समय सीमा
16 जनवरी को देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई और इसके बाद सरकार दो बार वैक्सीन की दोनों खुराक के अंतराल में बदलाव कर चुकी है। पहले कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के बाद दूसरी के लिए चार से छह सप्ताह का समय तय किया था। फिर पहली खुराक के 12 से 16 सप्ताह बाद दूसरी डोज लेने को कहा गया है।