राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष ने लगाई सवालों की झड़ी, कर्जमाफी व वेतन आयोग का मुद्दा उठाया
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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते सदस्यों के बीच जहां कांग्रेसी सदस्यों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के विकास कार्यों की जमकर सराहना की। वहीं विपक्षी सदस्यों ने अभिभाषण की आलोचना करते हुए सरकार पर सवालों की झड़ी लगा दी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से किए वादे पूरे नहीं कर सकी।
आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवा ने अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए आरोप लगाया कि अभिभाषण में जो अब तक देने की बात कही गई, वैसा कुछ भी नहीं दिया गया। सरकार ने पानी जहरीला होने से रोकने के लिए कोई काम नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि बेअदबी मामले में अब तक क्या हुआ? उन्होंने कहा कि कैप्टन ने किसानों की बांह पकड़ने के नाम पर उनकी बांह मरोड़ने का काम किया है।
खेत मजदूरों के 500 करोड़ रुपये माफ करने का वादा पूरा नहीं हुआ। मुलाजिमों के लिए 2016 से लंबित वेतन आयोग पर कोई बात नहीं की गई। डीए की बकाया राशि, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने पर भी कोई बात नहीं कही गई। संधवा ने सरबत बीमा योजना पर भी सवाल उठाए, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने हस्तक्षेप करते हुए योजना के बारे में स्थिति स्पष्ट की।
कांग्रेस विधायक राजकुमार वेरका ने कैप्टन सरकार के हर मोर्चे पर सफल प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने सूबे में कोविड संकट के दौरान राज्य सरकार द्वारा उठाए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने गंभीर संकट के बीच भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन रुकने नहीं दी। हर महीने लाभपात्रों के खाते में पेंशन की राशि ट्रांसफर की जाती रही।
कांग्रेस विधायक हरमिंदर सिंह गिल ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रयासों से राज्य में श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया। राज्य सरकार ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का साथ देकर महत्वपूर्ण कदम उठाया। गिल ने इसके साथ ही अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया। इस पर गिल और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच बहस हो गई।
यह बहस पंजाब के सिख इतिहास से होते हुए दोनों सदस्यों की पारिवारिक पृष्ठभूमि तक जा पहुंची, जिसमें गिल ने मजीठिया के पूर्वजों पर संगीन आरोप लगाए, वहीं मजीठिया ने भी गिल को उनके पूर्वजों द्वारा प्रदेश के साथ किए गए धोखे की याद दिलाई। इससे पहले बहस विवाद का रूप लेती, स्पीकर ने गिल को बोलने का समय समाप्त होने का एलान करते हुए उन्हें बैठा दिया।
चर्चा को जारी रखते हुए गिल ने मांग की कि एसजीपीसी का चुनाव जल्द कराया जाए, इस पर परमिंदर सिंह ढींढसा ने हस्तक्षेप करते हुए सदन में कहा कि एसजीपीसी चुनाव प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कराने हैं लेकिन राज्य सरकार ने इसके लिए जो कमिश्नर नियुक्त किया, उसे आज तक एक अदद ऑफिस तक मुहैया नहीं कराया गया है।
कांग्रेस के गुरकीरत कोटली और कुलजीत नागरा ने राज्यपाल के अभिभाषण की सराहना करते हुए किसानी मुद्दे पर कैप्टन सरकार का पक्ष रखा और अकाली दल द्वारा बदले गए स्टैंड का उल्लेख भी किया। इस पर अकाली दल के पवन कुमार टीनू ने नागरा के वक्तव्य का विरोध जताया, जिस पर दोनों सदस्यों के बीच कुछ देर बहस चलती रही। अकाली दल के एनके शर्मा ने भी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि मिलावटी शराब का कारोबार सरकार के नुमाइंदों की सरपरस्ती में जारी है। उन्होंने राजपुरा में पकड़ी गई मिलावटी शराब की फैक्टरी का भी उल्लेख किया।