फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sec 17 Chandigarh Unsecure Buildings Issue

टैनेंट्स बोले, क्या इतने दिन लगते हैं आग बुझाने में

Wed, 18 Jun 2014 03:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 18 Jun 2014 03:41 PM IST
विज्ञापन
Sec 17 Chandigarh Unsecure Buildings Issue

सेक्टर-17 में नाइलिट के साथ की बिल्डिंग (एससीओ 117-118) को प्रशासन अनफिट घोषित कर चुका है और उसको गिराने के लिए प्लानिंग की जा रही है। प्रशासन के इस फैसले से यहां बिजनेस चला रहे टैनेंट्स का बिजनेस खतरे में आ गया है।

विज्ञापन


बिल्डिंग को बचाने के लिए टैनेंट्स कई बार प्रशासन के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। मंगलवार को कुछ टैनेंट्स प्रेस कांफ्रेंस के लिए प्रेस क्लब में इकट्ठा हुए।
विज्ञापन


यहां इनवेस्टमेंट कंसलटेंसी चला रहे एसके मदान ने कहा कि हादसे को बीते 9 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्रशासन से कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार ऐसा होगा कि जब किसी आग को बुझाने में इतने दिन लग गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी तक प्रशासन ने न तो यहां से मलबा हटाया है और न ही बिल्डिंग के बारे में कोई स्पष्ट फैसला लिया है। वहीं एक अन्य टैनेंट नील कांत ने कहा कि इतने दिनों तक ऑफिस बंद रहने से उनका बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

बिल्डिंग बचानी हो तो 100 रास्ते
एसके मदान ने कहा कि उन्होंने डॉ.आईसी स्याल से भी बात की थी। डॉ.स्याल ने कहा था कि अगर बिल्डिंग बचानी हो तो 100 रास्ते निकाले जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए प्रशासन को अपने प्रयास बढ़ाने होंगे। मदान ने कहा कि क्या प्रशासन टैनेंट्स के लिए कोई और विकल्प नहीं निकाल सकता।

उन्होंने कहा कि अगर एक रिपोर्ट के आधार पर बिल्डिंग को अनसेफ करार किया जाता है तो ये टैनेंट्स के अधिकारियों से खिलवाड़ है। प्रशासन को इस मसले पर किसी और एजेंसी से भी स्टडी करवानी चाहिए।

फायरमैन के लिए बनाएंगे स्पेशल पॉलिसी
एमसी फायर एंड इमरजेंसी सर्विस इंप्लॉइज यूनियन के पदाधिकारी मंगलवार को गृह सचिव अनिल कुमार से मिले। इस दौरान उन्होंने सेक्टर-17 में हादसे के दौरान मारे गए फायरमैन अमनदीप सिंह के परिवार को मुआवजा देने की मांग की।


इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फायर फाइटर्स का काम जोखिम भरा होता है और 2008 में भी एक फायरमैन की मौत हुई थी। ऐसे में फायर डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के लिए मुआवजे और नौकरी में आरक्षण देने की नीति लानी चाहिए। यूनियन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह ने कहा कि उनकी मांग पर गृह सचिव ने आश्वासन दिया कि वे जल्दी ही इस संबंध में स्पेशल पॉलिसी बनाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed