हिसारः दहेज हत्या के दोषी एसडीओ को सात साल की कैद, दो हजार का जुर्माना भी लगा
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हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में तैनात एसडीओ नवदीप को अदालत ने दहेज हत्या के मामले में 7 साल की कैद और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में डॉ. पंकज की अदालत ने एसडीओ नवदीप को 12 मार्च को दोषी करार दिया था। इस मामले में सिरसा जिले के रानियां कस्बे के जीवन नगर निवासी मृतका के पिता हरभेज ने 24 अप्रैल 2017 को सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस को दी शिकायत में हरभेज ने बताया था कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसने अपनी बेटी यादपाल कौर की शादी फतेहाबाद जिले के भूना कस्बे के शास्त्री नगर निवासी नवदीप के साथ 19 नवंबर 2011 को की थी। उसने शादी में 50 लाख रुपये खर्च किए थे। उसने आरोप लगाया था कि शादी के कुछ दिन बाद ही नवदीप ने उसकी बेटी को दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया।
एक साल बाद उसकी बेटी ने एक लड़के को जन्म दिया। उस दौरान छुछक में भी उसने पांच लाख रुपये खर्च किए। इसके बावजूद उसके दामाद ने बेटी को परेशान करना बंद नहीं किया। कुछ समय बाद उसके दामाद की पोस्टिंग रोहतक हो गई तो उस समय भी उसने बेटी को जरूरत का सामान खरीद कर दिया। उसने आरोप लगाया कि 2 अक्तूबर 2015 को उसकी बेटी को मारपीट कर घर से निकाल कर कहा कि पांच लाख रुपये लेकर नहीं आई तो घर में घुसने नहीं दिया जाएगा।
उसने बताया कि एक साल तक उसकी बेटी उसके पास ही रही। इस दौरान उन्होंने सिरसा में महिला सेल में शिकायत दी। फिर दोनों पक्षों में कई बार पंचायतें हुईं और 31 मई 2016 को पंचायत में नवदीप ने कहा कि वह अब कभी यादपाल कौर को तंग नहीं करेगा। उसके बाद उसकी बेटी अपने ससुराल चली गई।
प्रमोशन के लिए मांगे दो लाख
हरभेज ने शिकायत में कहा कि उसके दामाद ने यह कहते हुए दो लाख रुपये मांगे कि उसकी प्रमोशन होने वाली है। उसे दो लाख रुपये दे दिए लेकिन फरवरी 2017 में उसने छोटे भाई को बीमार बताकर तीन लाख रुपये मांगे। बेटी के सुख के लिए उसे तीन लाख रुपये भी दे दिए लेकिन उसने बेटी को परेशान करना नहीं छोड़ा।
23 अप्रैल 2017 को पता चला कि नवदीप ने उसकी बेटी की हत्या कर दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एसडीओ नवदीप के खिलाफ धारा 498ए और 304बी के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में अदालत ने दोषी एसडीओ को धारा 304बी में 7 साल और धारा 498ए में एक साल और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।