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छात्रवृत्ति घोटालाः हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में कई निजी शिक्षण संस्थानों पर गिर सकती है गाज

Tue, 21 May 2019 12:16 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/शिमला Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 21 May 2019 12:16 PM IST
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Scholarship Scam, CBI Raid may be on Educational Institutes of Punjab Haryana Chandigarh
फाइल फोटो
देश के कई राज्यों में फैले 250 करोड़ से ज्यादा राशि के छात्रवृत्ति घोटाले की जद में कई और निजी शिक्षण संस्थान आएंगे। अभी तक की जांच में सीबीआई एक से 40 करोड़ तक राशि प्राप्त करने वाले 22 निजी शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई कर चुकी है। अब 50 लाख से 99 लाख तक राशि प्राप्त करने वाले शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। हिमाचल सहित पंजाब, हरियाणा, जम्मू और चंडीगढ़ में स्थित इन शिक्षण संस्थानों में सीबीआई की दबिश होने की संभावना है।
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प्रदेश में छात्रवृत्ति के नाम पर हुए 250 करोड़ के घोटाले में प्रदेश समेत बाहरी राज्यों के कई और शिक्षण संस्थान जांच के दायरे में आ रहे हैं। इसको लेकर भी केंद्रीय जांच एजेंसी गहनता से छानबीन कर रही है। अभी सीबीआई ने उन बड़े शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कसा है, जहां एक से चालीस करोड़ की छात्रवृत्ति फर्जी तरीके से हड़पी गई है। इसमें कई शिक्षण संस्थान ऐसे भी हैं, जिन्होंने करीब 40 करोड़ रुपये तक छात्रवृत्ति के नाम पर ऐेंठे हैं।
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इसके अलावा कई संस्थानों पर 10 से 15 करोड़ रुपये की रकम का गोलमाल करने का आरोप हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सीबीआई ने 40 करोड़ से लेकर करीब एक करोड़ रुपये तक की छात्रवृत्ति राशि ऐंठने वाले संस्थानों का रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। यह संस्थान करीब 22 हैं। इसके अलावा भी प्रदेश और पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में ऐसे संस्थान भी हैं, जिन पर एक करोड़ की राशि से कम छात्रवृत्ति राशि का हेरफेर करने का आरोप है।
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इन संस्थानों पर भी सीबीआई जल्द कार्रवाई करने वाली है। इसमें कोई 80 लाख तो कोई 50 लाख या इससे कम रकम प्राप्त करने वाले शिक्षण संस्थान हैं। ऐसे में आने वाले समय में छात्रवृत्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों की संख्या और अधिक होगी। हालांकि जांच का दायरा अधिक होने के चलते अभी तक सीबीआई ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई करने को कुछ और समय लगाएगी।

दस्तावेजों की छंटनी में लग रहा समय

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों की गहनता से छंटनी करने में समय लग रहा है। इसकी वजह यह है कि शिक्षण संस्थानों के हजारों की संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इसके बाद पता लगाया जाएगा कि किस तरह से किस छात्र के नाम पर शिक्षण संस्थानों ने छात्रवृत्ति का गोलमाल किया है।

छात्रवृत्ति घोटाले में बैंक कर्मियों, गवाहों से पूछताछ
बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में जांच एजेंसी सीबीआई ने बैंक कर्मचारियों और अन्य गवाहों से पूछताछ की। शिमला शाखा में सीबीआई ने सोमवार को आधा दर्जन बैंककर्मियों और मामले से जुडे़ आधा दर्जन गवाहों को बुलाया। इनसे घोटाले से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए। चूंकि घोटाले का पैसा बैंकों में जमा किया गया, इसलिए बैंक इनमें अहम कड़ी हैं। करीब 250 करोड़ के इस घोटाले में सीबीआई आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए आधार बना रही है। जल्दी ही इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार को चंडीगढ़ स्थित एक संस्थान और हिमाचल के कई संस्थानों में हुई गड़बड़ी से संबंधित गवाहों को रेलवे बोर्ड बिल्डिंग स्थित शिमला शाखा बुलाया गया। सोमवार को इनसे मामले से जुडे़ विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ हुई। आगामी दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य गवाहों को भी बुलाया जा सकता है। गवाहों के बाद आरोपियों से पूछताछ का सिलसिला तेज हो जाएगा। यह मालूम रहे कि सीबीआई ने हाल ही में इस मामले से जुड़े 22 शिक्षण संस्थानों में छापे मारे। इनसे रिकॉर्ड शिमला लाया गया। अब पूछताछ का दौर शुरू हो गया है।
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