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चंडीगढ़ में धोखाधड़ी: कोरोना मरीजों के परिजनों को डराकर मंगवाए ऑक्सीजन सिलिंडर, मौके से मिले 21 सिलिंडर
Wed, 28 Apr 2021 02:49 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Apr 2021 02:49 AM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को दे दी है। जांच टीम दो दिन में मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप देगी। इसके बाद हॉस्पिटल पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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चंडीगढ़ में फ्री ऑक्सीजन लेने के लिए अस्पताल ने मरीजों के परिजनों का धमकाया।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
चंडीगढ़ में फ्री ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए मरीजों के परिजनों को डराने का मामला सामने आया है। सेक्टर-34 स्थित हीलिंग हॉस्पिटल द्वारा मरीजों के परिजनों को डराकर स्वास्थ्य विभाग से फ्री ऑक्सीजन सिलिंडर लेने की जुगत लगाई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके जांच की तो वहां 21 ऑक्सीजन सिलेंडर मिले हैं। स्वास्थ विभाग ने इसकी जानकारी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को दे दी है। जांच टीम दो दिन में मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप देगी। इसके बाद हॉस्पिटल पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि मरीजों के परिजनों के माध्यम से हीलिंग हॉस्पिटल स्वास्थ्य विभाग से फ्री ऑक्सीजन सिलिंडर ले रहा था। शक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित की। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों के परिजनों को ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने की बात कहकर डरा रहा था जबकि मौके पर गई टीम को वहां ऑक्सीजन सिलेंडर मिले हैं। डॉ. कंग का कहना है कि मरीजों के इलाज के नाम पर हो रही इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गठित कमेटी को जांच के आदेश दे दिए हैं। कमेटी लगातार अलग-अलग अस्पतालों की जांच करेगी । इससे संबंधित किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के हेल्प डेस्क पर सूचना दी जा सकती है।
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि मरीजों के परिजनों के माध्यम से हीलिंग हॉस्पिटल स्वास्थ्य विभाग से फ्री ऑक्सीजन सिलिंडर ले रहा था। शक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित की। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों के परिजनों को ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने की बात कहकर डरा रहा था जबकि मौके पर गई टीम को वहां ऑक्सीजन सिलेंडर मिले हैं। डॉ. कंग का कहना है कि मरीजों के इलाज के नाम पर हो रही इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गठित कमेटी को जांच के आदेश दे दिए हैं। कमेटी लगातार अलग-अलग अस्पतालों की जांच करेगी । इससे संबंधित किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के हेल्प डेस्क पर सूचना दी जा सकती है।
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टीम ने रिकॉर्ड दिखाने से किया इनकार
स्वास्थ्य निदेशक के निर्देश पर अस्पताल में जांच करने पहुंची टीम को अस्पताल प्रबंधन ने रिकॉर्ड दिखाने से इनकार कर दिया। इस स्थिति में टीम को अस्पताल की जांच के कोर्ट के आदेश की कॉपी संचालक को दिखानी पड़ी, तब जाकर अस्पताल प्रबंधक ने रिकॉर्ड और बिल संबंधी दस्तावेज टीम को दिखाएं।
रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चला खेल
अस्पताल में सिलिंडर कम होने की सूचना पर एक मरीज के परिजन ने सोमवार रात 12 बजे इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी को दी। इसकी जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल हीलिंग अस्पताल में छह सिलिंडर भिजवाए। डॉ. कंग ने बताया कि मंगलवार सुबह 5 बजे उनके मोबाइल पर वहां भर्ती एक मरीज के परिजन की कॉल आई। उसने रोते हुए बताया कि उसके मरीज के साथ ही उस अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की जान भी खतरे में है, क्योंकि वहां ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने वाला है। उसकी बात सुनकर मैंने तत्काल टीम भेजकर वहां छह ऑक्सीजन सिलिंडर और भिजवाए।
रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चला खेल
अस्पताल में सिलिंडर कम होने की सूचना पर एक मरीज के परिजन ने सोमवार रात 12 बजे इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी को दी। इसकी जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल हीलिंग अस्पताल में छह सिलिंडर भिजवाए। डॉ. कंग ने बताया कि मंगलवार सुबह 5 बजे उनके मोबाइल पर वहां भर्ती एक मरीज के परिजन की कॉल आई। उसने रोते हुए बताया कि उसके मरीज के साथ ही उस अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की जान भी खतरे में है, क्योंकि वहां ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने वाला है। उसकी बात सुनकर मैंने तत्काल टीम भेजकर वहां छह ऑक्सीजन सिलिंडर और भिजवाए।
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इंडस्ट्रियल ग्रेड के सिलिंडर का हो रहा उपयोग
जांच टीम के अनुसार हीलिंग हॉस्पिटल में इंडस्ट्रियल ग्रेड के सिलिंडर उपयोग किए जा रहे थे जबकि उपयोग के दौरान उसके फटने का खतरा रहता है। डॉ. कंग ने बताया कि वह इंडस्ट्रियल मानकों के तहत ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने पर आने वाले खर्च से बचने के लिए मरीजों के परिजनों को डराने का हथकंडा प्रयोग कर रहा था जिसका पर्दाफाश हो चुका है।
बनाई गई जांच टीम
मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य निदेशक ने ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल डॉ. मंजीत, क्वालिटी इंश्योरेंस की प्रभारी डॉ. चारू व क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट की नोडल डॉ. मंजू बहल को मामले की जांच के लिए अस्पताल भेजा। डॉ. कंग ने बताया कि इन तीनों डॉक्टरों के नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है जो लगातार शहर के अस्पतालों की जांच कर वहां इलाज के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके अलावा कालाबाजारी रोकने के लिए तीनों ड्रग इंस्पेक्टर को भी दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें निर्देशित किया गया है कि शहर में किसी भी जगह से ऑक्सीजन, दवा, इंजेक्शन या इलाज में प्रयोग होने वाले किसी भी सामान के कालाबाजारी संबंधी शिकायत नहीं आनी चाहिए।
बनाई गई जांच टीम
मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य निदेशक ने ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल डॉ. मंजीत, क्वालिटी इंश्योरेंस की प्रभारी डॉ. चारू व क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट की नोडल डॉ. मंजू बहल को मामले की जांच के लिए अस्पताल भेजा। डॉ. कंग ने बताया कि इन तीनों डॉक्टरों के नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है जो लगातार शहर के अस्पतालों की जांच कर वहां इलाज के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके अलावा कालाबाजारी रोकने के लिए तीनों ड्रग इंस्पेक्टर को भी दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें निर्देशित किया गया है कि शहर में किसी भी जगह से ऑक्सीजन, दवा, इंजेक्शन या इलाज में प्रयोग होने वाले किसी भी सामान के कालाबाजारी संबंधी शिकायत नहीं आनी चाहिए।
अस्पताल प्रशासन की सफाई-इमरजेंसी में बचाव के लिए यह रणनीति अपनाई
हमारे पास मौजूदा समय में 25 मरीज भर्ती है। हॉस्पिटल ने ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर एक मानक बनाया है, जिसमें उस मानक से कम होने पर उसकी सूचना दे दी जाती है। लेकिन उस समय हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती। बस इमरजेंसी में बचाव के लिए यह रणनीति अपनाई गई है। इसके तहत मरीजों के परिजनों को सूचना दे दी जाती है। -दश्मित्र सिंह भुट्टर, संचालक, हीलिंग हॉस्पिटल
शहर का कोई भी अस्पताल अगर यह सोच रहा है कि वह मरीजों के इलाज के नाम पर गड़बड़ियां करेगा तो उनकी यह सोच गलत है। स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक अस्पताल पर पैनी नजर है । अगर इस दौरान कहीं कोई गड़बड़ी सामने आई तो कड़ी कार्यवाई की जाएगी। -डॉ. अमनदीप कंग, निदेशक स्वास्थ्य
शहर का कोई भी अस्पताल अगर यह सोच रहा है कि वह मरीजों के इलाज के नाम पर गड़बड़ियां करेगा तो उनकी यह सोच गलत है। स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक अस्पताल पर पैनी नजर है । अगर इस दौरान कहीं कोई गड़बड़ी सामने आई तो कड़ी कार्यवाई की जाएगी। -डॉ. अमनदीप कंग, निदेशक स्वास्थ्य