फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Scam and Fraud in SGPC Financial Accounts

SGPC: सरकारी ऑडिटर ने दो साल पहले खातों में गड़बड़ी के बारे में लौंगोवाल को दी थी चेतावनी

Sat, 29 Aug 2020 11:35 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 29 Aug 2020 11:35 AM IST
विज्ञापन
Scam and Fraud in SGPC Financial Accounts
सांकेतिक तस्वीर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल को लेखा विभाग की गड़बड़ियों और मीत सचिव (वित्त) सतिंदर सिंह बिल्लू की कारगुजारी के लिए पहले ही चेताया गया था लेकिन लौंगोवाल ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसजीपीसी के अकाउंट का ऑडिट करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा नियुक्त ऑडिटर एचएस एंड कंपनी के मुखिया सीए हरपाल सिंह ने अगस्त 2018 को लौंगोवाल को पत्र लिखा था।
विज्ञापन


सीए के पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अब वीरवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में सतिंदर सिंह को निलंबित कर उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब मानव अधिकार संगठन (जस्टिस अजित सिंह बैंस) के मुख्य पदाधिकारी सरबजीत सिंह ने बताया कि हरपाल सिंह ने पत्र में सतिंदर सिंह बल्लू की कारगुजारी को लेकर कई आपत्ति उठाई थी।
विज्ञापन


हरपाल सिंह ने सतिंदर सिंह के स्थान पर किसी योग्य व्यक्ति की नियुक्ति की सिफारिश की थी। साथ ही उसके विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने की भी मांग की गई थी। हालांकि इस वित्त सचिव की तूती इतनी बोलती थी कि उसने एसएस एंड कंपनी की ऑडिट फीस रुकवा दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नियुक्ति की फाइल तक उपलब्ध नहीं करवाई थी

हरपाल सिंह के अनुसार सतिंदर सिंह ने ऑडिट के दौरान उन्हें इंटरनल ऑडिटर एसएस कोहली की नियुक्ति की फाइल तक उपलब्ध नहीं करवाई थी। एसजीपीसी द्वारा नियुक्त किए जाने वाले ठेकेदारों की टेंडर फाइल, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अकाउंट की ऑडिट फाइल और सरायें सारागढ़ी साहिब की फाइलें कभी उपलब्ध नहीं करवाई गई।

इस कारण उनकी कंपनी को ऑडिट में मुश्किल आ रही है। ऑडिटर कंपनी ने इन सभी कार्यों की किसी स्वतंत्र कंपनी से फोरेंसिक ऑडिट करवाने की सिफारिश भी लौंगोवाल से की थी।इस ऑडिट कंपनी ने अपने पत्र में एसजीपीसी के रिकॉर्ड का कंप्यूटरीकरण करने, अकाउंट लिखने की नीति निर्धारित करने, दसवंद, कर्जों की नीति, मुकद्दमों और उन पर होने वाले खर्च, प्रोविडेंट फंड, ग्रेच्युटी के लिए कई ठोस नीतियां बनाने का सुझाव दिया था, जिस पर अमल नहीं हुआ।

इस पत्र में सवाल उठाया गया कि क्या सरकारी ऑडिटर, जो गृह व न्याय विभाग द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, इस मीत सचिव के अनुसार ऑडिट करेंगे। इस मीत सचिव ने कभी अपना काम नियमों के अनुसार पूरा नहीं किया। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि सतिंदर सिंह ने कई बार ऑडिटर को धमकाया भी था।

कच्ची पेंसिल से लिखे गए सचखंड और एसजीपीसी के खातों के बैलेंस

हरपाल सिंह ने लौंगोवाल को लिखे पत्र में कहा था कि सतिंदर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के खातों का ऑडिट करने व ट्रायल बैलेंस का ऑडिट शुरू करने तक न तो बैंक का मिलान किया गया, न ही खातों को फाइनल किया गया। तीन बैंक खातों का मिलान पत्र की तारीख तक नहीं किया गया।

रिकॉर्ड समय पर न मिलने के कारण 2012-13 की बैलेंस शीट चार से पांच बार बदलनी पड़ी। ऑडिट रिपोर्ट के दो महीने बीत जाने के बाद भी त्रुटियों को दूर करने के लिए प्रयास नहीं किए गए। वित्त सचिव ने सचखंड और एसजीपीसी की लेजरों के बैलेंस कच्ची पेंसिल से लिखे थे। कई बार बुलाने पर भी सतिंदर सिंह ऑडिटर की मीटिंग में शामिल नहीं हुए।

लापता स्वरूप कहां गए... इस पर कार्यकारिणी चुप क्यों : सरबजीत
सरबजीत सिंह ने कहा कि गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने इस पत्र के आधार पर कार्रवाई की होती तो यह स्थिति न बनती। लौंगोवाल को भी अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में इस्तीफा देना चाहिए। एसजीपीसी की कार्यकारिणी यह बताने में असमर्थ रही कि लापता स्वरूप कहां गए, वह कौन थे जो पावन स्वरूपों को बिना रिकॉर्ड के बाहर भेजते थे।

जांच रिपोर्ट के अनुसार 328 पावन स्वरूप लापता हुए हैं, 186 पावन स्वरूप वेस्ट व अतिरिक्त अंगों से तैयार कर बिना बिल बेचे गए हैं। इस पर एसजीपीसी खामोश क्यों है।   

देखें वीडियो: हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब भी करें-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed