{"_id":"65dd95beb94a7c1d1106a8b6","slug":"sc-students-studying-in-schools-of-punjab-have-opportunity-to-study-for-free-in-best-private-schools-2024-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को बेस्ट निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका, श्रेष्ठ योजना के तहत सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को बेस्ट निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका, श्रेष्ठ योजना के तहत सुविधा
Tue, 27 Feb 2024 03:27 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 27 Feb 2024 03:27 PM IST
सार
योजना के तहत 9वीं व 11वीं तक के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में 12वीं तक निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही विद्यार्थियों को ऑनलाइन परामर्श व मेरिट के आधार पर ही स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ ही स्कूल प्रमुखों को भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
शिक्षा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ रहे अनुसूचित जाति (एससी) के विद्यार्थियों के पास बेस्ट निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ने का मौका है। केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की तरफ से आवासीय शिक्षा योजना श्रेष्ठ के तहत ये सुविधा प्रदान की जाती है और राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा श्रेष्ठ के जरिए बच्चों को चयन किया जाता है। इस योजना के तहत वर्ष 2024-25 सत्र के लिए परीक्षा अप्रैल माह में करवाने की तैयारी की जा रही है, इसलिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद पंजाब (एससीईआरटी) की ओर से इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं।
आदेशों में कहा गया है कि अनुसूचित जाति के अधिक संख्या के विद्यार्थियों के पास इस योजना का लाभ पहुंचे, इसलिए उन्हें जागरूक किया जाना चाहिए। कहा गया है कि आठवीं और दसवीं तक के विद्यार्थियों को जागरूक करने पर जोर दिया जाना चाहिए, ताकि वह योजना को अच्छी तरह समझकर परीक्षा उत्तीर्ण करके बेस्ट निजी स्कूलों में गुणवत्तापूवर्क शिक्षा प्राप्त कर सकें। केंद्र सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के संबंध में भी उन्हें जानकारी दी गई है।
योजना के तहत 9वीं व 11वीं तक के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में 12वीं तक निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही विद्यार्थियों को ऑनलाइन परामर्श व मेरिट के आधार पर ही स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ ही स्कूल प्रमुखों को भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
ये विद्यार्थी योजना का उठा सकेंगे लाभ
योजना के तहत अनुसूचित जाति के उन मेधावी गरीब विद्यार्थियों को 12वीं तक सीबीएसई से संबद्ध सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश देना है, जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये तक है। इसके अलावा इन विद्यार्थियों को केंद्र सरकार से पर्याप्त वित्तीय सहायता के साथ अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना या मंत्रालय की उच्च श्रेणी शिक्षा योजना से भी जोड़ा जा सकता है।
इन मानकों के आधार पर स्कूलों किया गया चयन
इस योजना के तहत सीबीएसई से संबद्ध सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले निजी आवासीय स्कूलों का चयन एक समिति द्वारा तय मानकों के आधार पर ही किया जाता है। समिति में शिक्षा मंत्रालय व सीबीएसई के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। उन स्कूलों को ही प्रवेश के लिए योजना में शामिल किया जाता है, जिनका पिछले 3 वर्षों से कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड का परिणाम 75 प्रतिशत अधिक हो। स्कूलों के पास 9वीं और 11वीं में एससी विद्यार्थियों के अतिरिक्ति प्रवेश के लिए पर्याप्त सुविधाएं हो। आवासीय सुविधा (छात्रावास) वाले निजी स्कूलों में भोजन सहित स्कूल शुल्क व छात्रावास शुल्क का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा उठाया जाना है।
विज्ञापन
आदेशों में कहा गया है कि अनुसूचित जाति के अधिक संख्या के विद्यार्थियों के पास इस योजना का लाभ पहुंचे, इसलिए उन्हें जागरूक किया जाना चाहिए। कहा गया है कि आठवीं और दसवीं तक के विद्यार्थियों को जागरूक करने पर जोर दिया जाना चाहिए, ताकि वह योजना को अच्छी तरह समझकर परीक्षा उत्तीर्ण करके बेस्ट निजी स्कूलों में गुणवत्तापूवर्क शिक्षा प्राप्त कर सकें। केंद्र सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के संबंध में भी उन्हें जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
योजना के तहत 9वीं व 11वीं तक के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में 12वीं तक निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही विद्यार्थियों को ऑनलाइन परामर्श व मेरिट के आधार पर ही स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ ही स्कूल प्रमुखों को भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
ये विद्यार्थी योजना का उठा सकेंगे लाभ
योजना के तहत अनुसूचित जाति के उन मेधावी गरीब विद्यार्थियों को 12वीं तक सीबीएसई से संबद्ध सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश देना है, जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये तक है। इसके अलावा इन विद्यार्थियों को केंद्र सरकार से पर्याप्त वित्तीय सहायता के साथ अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना या मंत्रालय की उच्च श्रेणी शिक्षा योजना से भी जोड़ा जा सकता है।
इन मानकों के आधार पर स्कूलों किया गया चयन
इस योजना के तहत सीबीएसई से संबद्ध सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले निजी आवासीय स्कूलों का चयन एक समिति द्वारा तय मानकों के आधार पर ही किया जाता है। समिति में शिक्षा मंत्रालय व सीबीएसई के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। उन स्कूलों को ही प्रवेश के लिए योजना में शामिल किया जाता है, जिनका पिछले 3 वर्षों से कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड का परिणाम 75 प्रतिशत अधिक हो। स्कूलों के पास 9वीं और 11वीं में एससी विद्यार्थियों के अतिरिक्ति प्रवेश के लिए पर्याप्त सुविधाएं हो। आवासीय सुविधा (छात्रावास) वाले निजी स्कूलों में भोजन सहित स्कूल शुल्क व छात्रावास शुल्क का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा उठाया जाना है।