सावन की नागपंचमी आज, जानिए पूजन की विधि
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काल सर्प दोष निवारण के लिए सुनहरा मौका सावन की नाग पंचमी है। नागपंचमी एक अगस्त को है। जिनके कुंडली में कालसर्प दोष है, उसे काल सर्प दोष की शंति के लिए किसी विद्वान ब्रह्मण से कराया जाए, तो निश्चित ही लाभ होगा।
इसकी पूजा शिवालय या अपने घर पर भी करवा सकते हैं। यह कहना है भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर बारह बजे तक है।
ये होता है फायदा
इसके पूजा करने से जीवन की परेशानियां खत्म होती है। बच्चों को पढ़ाई में मन लगता है। हर प्रकार की बाधा समाप्त होगी। सपने में भी सांप दिखे तो कालसर्प दोष का निवारण कराना चाहिए।
इसलिए राहुकाल में कालसर्प दोष का निवारण अधिक लाभदायक होता है। नागपंचमी हस्त नक्षत्र में सुबह 5 बजकर 49 मिनट में शुरू होगी। इसका स्वामी चंद्रमा है। भगवान शिव अपने सिर पर चंद्रमा को धारण करते हैं।
क्या करें उपाय
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे और 30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि पांच धातु या तीन धातु का 108 सर्प रुद्र सूक्त या सर्प सूक्त से पूजन कराकर पानी में प्रवाह करनी चाहिए। जिंदा सर्प का पूजन कराकर उसे छोड़ देना चाहिए। चांदी का नाग नागिन का जोड़ा भगवान शिव पर चढ़ना चाहिए।