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सविता भट्टी से बढ़ीं भाजपा की परेशानियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Mar 2014 10:37 AM IST
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आम आदमी पार्टी से सविता भट्टी को टिकट मिलने से भाजपा नेताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। अब हर तरफ यही बहस हो रही है कि सविता भट्टी से भाजपा को ज्यादा नुकसान होगा या कांग्रेस को।
लेकिन, चर्चा यही है कि आप से ज्यादा परेशानियां भाजपा को ही होगी। सूत्रों की माने तो घोटालों के बाद कांग्रेस की शर्मनाक स्थिति का फायदा भाजपा को हो सकता था, लेकिन अब भट्टी के मैदान में उतरने से भाजपा को कांग्रेस की वोट तोड़ना और मुश्किल हो गया है।
यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस की और नई वोटें आप के खाते में जा सकती हैं। ऐसे में भाजपा के लिए चुनाव में बाजी मारना बेहद मुश्किल होगा।
उम्मीदवार घोषित न होने से उलझन में भाजपाई
इस समय चंडीगढ़ सीट से आप ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जबकि कांग्रेस की ओर से भी पवन कुमार बंसल का नाम लगभग फाइनल है। बसपा भी अपने-अपने पत्ते खोल चुकी है।
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ऐसे में भाजपा में उम्मीदवार को लेकर उलझन बरकरार है। सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवार घोषित न होने का असर भाजपा के चुनाव प्रचार पर भी पड़ रहा है।
भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से वोट की अपील तो कर रहे हैं, लेकिन यह बताना उनके लिए मुश्किल हो रहा है कि वोट किसे दें।
एक हफ्ते में हो सकती है तस्वीर साफ
सूत्रों का कहना है कि इस एक हफ्ते में भाजपा से चंडीगढ़ उम्मीदवार की घोषणा हो सकती है। चंडीगढ़ सीट से भाजपा के तीन नेता कतार में हैं।
इनमें प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन का नाम शामिल है। इनमें से टंडन और धवन का नाम ज्यादा चर्चा में है। ऐसे में पार्टी हाईकमान के लिए भी उम्मीदवार चुनने में मुश्किल आ रही है।
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लेकिन, चर्चा यही है कि आप से ज्यादा परेशानियां भाजपा को ही होगी। सूत्रों की माने तो घोटालों के बाद कांग्रेस की शर्मनाक स्थिति का फायदा भाजपा को हो सकता था, लेकिन अब भट्टी के मैदान में उतरने से भाजपा को कांग्रेस की वोट तोड़ना और मुश्किल हो गया है।
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यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस की और नई वोटें आप के खाते में जा सकती हैं। ऐसे में भाजपा के लिए चुनाव में बाजी मारना बेहद मुश्किल होगा।
उम्मीदवार घोषित न होने से उलझन में भाजपाई
इस समय चंडीगढ़ सीट से आप ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जबकि कांग्रेस की ओर से भी पवन कुमार बंसल का नाम लगभग फाइनल है। बसपा भी अपने-अपने पत्ते खोल चुकी है।
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ऐसे में भाजपा में उम्मीदवार को लेकर उलझन बरकरार है। सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवार घोषित न होने का असर भाजपा के चुनाव प्रचार पर भी पड़ रहा है।
भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से वोट की अपील तो कर रहे हैं, लेकिन यह बताना उनके लिए मुश्किल हो रहा है कि वोट किसे दें।
एक हफ्ते में हो सकती है तस्वीर साफ
सूत्रों का कहना है कि इस एक हफ्ते में भाजपा से चंडीगढ़ उम्मीदवार की घोषणा हो सकती है। चंडीगढ़ सीट से भाजपा के तीन नेता कतार में हैं।
इनमें प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन का नाम शामिल है। इनमें से टंडन और धवन का नाम ज्यादा चर्चा में है। ऐसे में पार्टी हाईकमान के लिए भी उम्मीदवार चुनने में मुश्किल आ रही है।