फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Saudi Arabia to introduce new family tax

बड़ी खबर: अरब में रहने वाले विदेशियों पर अब लगेगा फैमिली टैक्स

Sat, 01 Jul 2017 09:17 AM IST
कंवरपाल/अमर उजाला, हलवारा (लुधियाना)
कंवरपाल/अमर उजाला, हलवारा (लुधियाना) Updated Sat, 01 Jul 2017 09:17 AM IST
विज्ञापन
Saudi Arabia to introduce new family tax
अरब में रहने वाले विदेशियों पर अब लगेगा फैमिली टैक्स
सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब ने एक जुलाई से वहां रहने वाले सभी देशों के नागरिकों पर फैमिली टैक्स लगा दिया है। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे  2.70 करोड़ की कुल आबादी वाले देश में 41 लाख भारतीय काम कर रहे हैं।
विज्ञापन


हालांकि सऊदी अरब में काम करने वाले अधिकतर उत्तर भारतीय वहां अपने परिवार के बिना रह रहे हैं, लेकिन देश के अन्य हिस्सों से सऊदी अरब में काम करने वाले लोग अपने परिवार के साथ ही रहते हैं। एक जुलाई से हर भारतीय को प्रति माह प्रति आश्रित के लिए 100 रियाल (1750 रुपये) अदा करने होंगे। इस हिसाब से पत्नी और दो बच्चों के साथ वहां रह रहे हर भारतीय को प्रति माह 5250 रुपये और साल में 63 हजार रुपये का सरकार को टैक्स के रूप में अदा करने होंगे।
विज्ञापन


यह टैक्स 2018 में बढ़ कर 200 रियाल, 2019 में 300 रियाल और 2020 में 400 रियाल हो जाएगा। 2020 में एक परिवार के लिए यह रकम बढ़ कर 2.52 लाख रुपये पर पहुंच जाएगी। यह टैक्स हर साल पासपोर्ट विभाग के पास रेजिडेंट परमिट रिन्यू करने के वक्त भरना लाजिमी होगा। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड संस्था की ओर से सऊदी सरकार पर टैक्स बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है, ताकि गिरती अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन

अरब में फिलहाल 41 लाख भारतीय काम कर रहे हैं

Saudi Arabia to introduce new family tax
saudi arabia - फोटो : Getty Images
सऊदी के दामाम शहर में रहने वाले भारतीय अनिल कुमार का कहना है कि आर्थिक संकट के कारण सऊदी अरब की सबसे बड़ी निर्माण कंपनी सऊदी बिन लादेन ने अपने 70 हजार कामगारों की छुट्टी कर दी है। इसके अलावा एक अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनी सऊदी ओजर भी वहां की सरकार द्वारा ब्लैक लिस्ट कर दी गई है, क्योंकि इस कंपनी ने अपने कामगारों को पगार नहीं दी थी। हालांकि कंपनी अधिकारियों का तर्क है कि आर्थिक संकट के कारण सरकार द्वारा उन्हें उन कामों का भी पैसा नहीं दिया गया है, जो उन्होंने किया है।

भारतीय समुदाय के नेता एन राघवन ने कहा कि कंपनियों के मालिक भी यह टैक्स अपनी तरफ से अदा नहीं करेंगे, क्योंकि सऊदी सरकार पहले ही प्रति कामगार कंपनियों से रेजिडेंट परमिट की फीस ले रही है।

यह फीस भी 2018 में 200 रियाल से बढ़ कर 400, 2019 में 600 रियाल और 2020 तक 800 रियाल पहुंच जाएगी। कंपनियां पहले ही कामगारों को पगार नहीं दे पा रही हैं। इन्क्रीमेंट भी बंद कर दिए गए हैं। जिन भारतीयों ने सऊदी अरब में व्यापार में पैसा लगाया है, उनकी चिंता और बढ़ गई है। उनको अपना पैसा मिलना भी मुश्किल लग रहा है। वहां के भारतीयों ने मोदी सरकार से आग्रह किया है कि इस मामले में सऊदी सरकार से बातचीत करके राहत दिलाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed