फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sarika Dhupad met her teacher writer Sushma Malhotra after 36 years becoming a teacher in chandigarh

Chandigarh: कवि सम्मेलन में 36 साल बाद अपनी टीचर से मिली छात्रा, गुड आफ्टरनून कहते ही मैम ने लगा लिया गले

Wed, 07 Feb 2024 03:29 PM IST
निवेदिता वर्मा नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 07 Feb 2024 03:29 PM IST
सार

सुषमा मल्होत्रा की हिंदी और अंग्रेजी में कविताएं, लघुकथाएं, लेख, और यात्रा स्मृतियों को विभिन्न साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है। उन्हें कई सम्मान और पुरस्कारों से नवाजा गया है। इन्होंने विभिन्न शिक्षा और साहित्य से जुड़े संगठनों की स्थापना की है। वहीं सारिका साहित्य, सांस्कृतिक, शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में विशेष रुचि रखती हैं।

विज्ञापन
Sarika Dhupad met her teacher writer Sushma Malhotra after 36 years becoming a teacher in chandigarh
अपनी टीचर सुषमा मल्होत्रा के साथ सारिका धूपड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ सेक्टर 43 के सामुदायिक केंद्र में संवाद साहित्य मंच और आचार्यकुल चंडीगढ़ की ओर से काव्य गोष्ठी और लेखिका सुषमा मल्होत्रा का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सारिका धूपड़ 36 वर्ष बाद अपनी टीचर से मिली, वो भी वह भी टीचर बनकर। मिलकर उसी अंदाज में बोली गुड आफ्टरनून सुषमा मैम...। 

विज्ञापन


सारिका धूपड़ सेक्टर 16 के जीएमएसएसएस में जीव विज्ञान की प्रवक्ता हैं। अमेरिका में रह रही सुषमा मल्होत्रा 1987 में लुधियाना के एक स्कूल में पढ़ाती थी। उसी स्कूल में सारिका धूपड़ पढ़ती थी। उनसे वह छठी और सातवीं कक्षा में पढ़ी है। सुषमा मल्होत्रा अंग्रेजी और भूगोल पढ़ाती थी।
विज्ञापन


यह तो मेरी स्टूडेंट है...
सारिका धूपड़ ने बताया कि कविता पाठ में जब मेरी बारी आई तो अपनी जगह पर खड़ी हो गई और एक छात्रा के अंदाज में गुड आफ्टरनून सुषमा मैम कहा। यह सुनकर मैडम भावविभोर हो गईं। जब वे कार्यक्रम हॉल में पहुंची तो मैम ने अपना काव्य पाठ बीच में ही छोड़कर मेरा स्वागत इन शब्दों से किया- सारिका मेरी स्टूडेंट है। इन्हें सेक्रेड हार्ट कान्वेंट स्कूल लुधियाना में पढ़ाया है। उन्होंने प्यार से गले लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


गोष्ठी समाप्त होने के बाद मैडम के साथ कुछ समय बिताया। कई पुरानी यादों को साझा किया। लुधियाना के सराभा नगर स्थित सेक्रेड हार्ट कान्वेंट स्कूल प्रतिष्ठित विद्यालय था। वहां पढ़ना और पढ़ाना दोनों ही बड़े गौरव की बात थीं।

सुषमा मल्होत्रा वर्ष 1991 में अमेरिका चली गई थी। उनकी हिंदी और अंग्रेजी में कविताएं, लघुकथाएं, लेख, और यात्रा स्मृतियों को विभिन्न साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है। उन्हें कई सम्मान और पुरस्कारों से नवाजा गया है। इन्होंने विभिन्न शिक्षा और साहित्य से जुड़े संगठनों की स्थापना की है। सुषमा मल्होत्रा न्यूयॉर्क में एसोसिएशन ऑफ इंडियन अमेरिकन एजुकेटर्स के संस्थापक अध्यक्ष रही हैं। जिसमें इन्होंने भारतीय अमेरिकन शिक्षकों को एक साथ आने और उनके अनुभवों को साझा करने का मंच प्रदान किया है।


सारिका साहित्य, सांस्कृतिक, शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में विशेष रुचि रखती हैं। कविता, कहानी, लेख, लघु नाटक विधा में पारंगत, राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले के मुकुंदगढ़ गांव में जन्मी सारिका धूपड़ की रचनाएं हरियाणा शिक्षा विभाग की मासिक पत्रिका शिक्षा सारथी व तीन संयुक्त काव्य संग्रहों में प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी साहित्य की काव्य विधा में सारिका की एक पुस्तक अभिसार प्रकाशित हो चुकी है। उन्होंने अपनी टीचर को अपनी किताब भी भेंट की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed