Punjab Election 2022: पीएम मोदी की रैली का विरोध करेंगे किसान, दर्शन पाल बोले- भाजपा को सबक सिखाएगा पंजाब
पांच जनवरी को सुरक्षा कारणों की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी फिरोजपुर रैली को रद्द करना पड़ा था। अब 14 फरवरी को पीएम मोदी जालंधर में अपनी चुनावी जनसभा करेंगे। इससे पहले पंजाब के किसान संगठनों ने विरोध का एलान कर दिया है।
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संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल पंजाब के किसान संगठनों ने ऑनलाइन बैठक में किसानों से वादाखिलाफी और लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने वाले आशीष मिश्रा पर लगी संगीन धाराओं के बावजूद जमानत मिलने की कड़ी निंदा की।
वहीं संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले पंजाब दौरे के दौरान सड़क पर धरना दे रहे किसानों पर संगीन धाराएं लगाकर उन्हें परेशान करने की भी निंदा की। सगंठनों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर किसी भी किसान को परेशान किया गया तो सरकार को कड़े संघर्ष का सामना करना होगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता डॉ. दर्शन पाल ने बताया कि पंजाब में प्रधानमंत्री की रैलियों का विरोध किया जाए। उन्होंने कहा कि यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। अगर प्रधानमंत्री मानी जा चुकी मांगों को समयबद्ध तरीके से लागू करने का एलान कर देंगे तो विरोध प्रदर्शनों को टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ-साथ उसकी सहयोगी दल पंजाब लोक कांग्रेस व शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) का भी विरोध किया जाएगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखदेव सिंह ढींडसा को भी सबक सिखाया जाएगा और पंजाब के लोग इनका पूरी तरह बहिष्कार करेंगे।
बैठक में फैसला लिया गया कि 14 फरवरी को गांवों में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के पुतले फूंके जाएंगे और 16 फरवरी को तहसील स्तर पर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की अर्थियां फूंकी जाएंगी। इसके अलावा राज्य में जहां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होगी, उन्हें सड़कों पर काले झंडे दिखाए जाएंगे।
महिला किसान यूनियन ने किया आशीष मिश्रा की जमानत का विरोध
महिला किसान यूनियन ने किसान आंदोलन के दौरान यूपी के लखीमपुर खीरी में चार किसानों की कार से कुचलकर हत्या करने के आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत की कड़ी निंदा की। यूनियन की प्रदेश प्रधान राजविंदर कौर राजू ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से दिनदहाड़े किए गए कत्लों के बारे में हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस के नेतृत्व वाली एसआईटी की रिपोर्ट में भी कहा गया कि योजनाबद्ध तरीके से कत्ल किए गए और यूपी पुलिस की रिपोर्ट में भी यह दर्ज है। इसके बावजूद हाईकोर्ट ने धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और धारा 147 (इरादतन हत्या और दंगे फैलाना) को अनदेखा करते हुए आशीष मिश्रा को जमानत दे दी।
राजविंदर ने कहा कि ऐसे संगीन अपराधी को जमानत देना स्थापित नियमों के भी खिलाफ है, क्योंकि यह हत्या के मामले में गवाहों और मुकदमे की पैरवी पर सीधा असर डाल सकता है। उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा से अपील की है कि वह देश में भाजपा और उसकी सहयोगी दलों के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान करें और पंजाब में चुनाव के दौरान भाजपा और उसके सहयोगी दलों के प्रत्याशियों का बहिष्कार करें।