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रामपाल की याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी

Sat, 29 Apr 2017 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 29 Apr 2017 09:36 AM IST
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Sant Rampal, Haryana News, Punjab and haryana Highcourt
सतलोक आश्रम के प्रमुख कथित संत रामपाल - फोटो : File Photo
कथित संत रामपाल ने अपने खिलाफ हिसार की जिला अदालत में हत्या के मामले में दायर आरोप पत्र को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को 19 मई के लिए नोटिस जारी किया है।
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याचिका में आरोप है कि पुलिस ने उन पर यह मामला भी फर्जी दायर किया है। इस मामले में आश्रम में एक महिला की मौत में उन्हें और उनके साथियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि उस महिला की मौत प्राकृतिक थी।
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पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को फसाने के लिए 19 नवंबर, 2014 को आश्रम में महिला की मौत के मामले में आरोपी बनाते हुए हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने भी उनका पक्ष सही ढंग से नहीं सुना। ऐसे में उनके खिलाफ दायर आरोप पत्र पर रोक लगाई जाए।
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हाईकोर्ट ने खारिज की रामपाल की मांग

Sant Rampal, Haryana News, Punjab and haryana Highcourt
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल की एफआईआर को रद्द करने की मांग शुक्रवार को खारिज कर दी। रामपाल ने याचिका में आरोप लगाया था कि हरियाणा पुलिस ने बरवाला पुलिस स्टेशन में 18 नवंबर, 2014 को उनके खिलाफ जो एफआईआर दर्ज की थी, उसमें दर्जनों धाराएं लगाकर केस को मजबूत किया गया था।

रामपाल के अनुसार पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या, देशद्रोह की धारा भी लगाई थी। इस धारा के मुताबिक, पुलिस ने रामपाल को आतंकवादी संगठन का सदस्य एवं आतंकी गतिविधियों में शामिल होना बताया है। याचिका में रामपाल ने कहा कि उनके खिलाफ सिर्फ अदालत की आपराधिक अवमानना का मामला है। गलती या किसी अन्य कारण से वह इन आदेशों को नहीं मान पाए, इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्हें देशद्रोही करार दे दिया जाए।

रामपाल ने याचिका में आरोप लगाया कि यह सभी धाराएं उन पर गलत तरीके से लगाई गई हैं। जब भी धारा लगाई गई है, उससे संबंधित किसी भी गतिविधि में न तो वह शामिल थे और न ही उनका ऐसी गतिविधियों से कुछ लेना देना था। रामपाल ने इन सभी एफआईआर को रद्द कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।
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