फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   samjhauta express blast: aseemanand all inside story

समझौता कांड: असीमानंद से जेल में 'खेल'

Fri, 07 Feb 2014 05:22 PM IST
डिजिटल टीम/अमर उजाला, चंडीगढ़
डिजिटल टीम/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 07 Feb 2014 05:22 PM IST
विज्ञापन
samjhauta express blast: aseemanand all inside story

समझौता कांड के मुख्य आरोपी असीमानंद एक नए विवादों में घिर गए हैं। एक पत्रिका के दावे के बाद जेल अफसरों में हड़कंप की स्थिति है। जेल अफसर इस बात को लेकर सकते में हैं जेल में असीमानंद का इंटरव्यू कैसे संभव हो सकता हैं।

विज्ञापन


स्वामी असीमानंद से मिलने के लिए सिर्फ वकीलों को ही अनुमति है। उधर, जेल सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर जेल अथारिटी के आला अफसरों के निर्देशों पर यहां अंबाला सेंट्रल जेल में स्वामी असीमानंद से बैरक में ही पूछताछ की गई है।
विज्ञापन


जेल सूत्रों के अनुसार इस मामले में स्वामी असीमानंद ने ऐसे किसी भी इंटरव्यू से इंकार कर दिया है। स्वामी असीमानंद ने जेल अथारिटी को बताया है कि उनसे मिलने जो वकील आते थे, उनसे भी वह केवल अपने केस से संबंधित ही बातचीत करते थे। इसके अलावा उन्होंने ऐसी कोई बातचीत नहीं की।

विज्ञापन
विज्ञापन

असीमानंद से मिलने वालों के नाम मांगें

samjhauta express blast: aseemanand all inside story

दूसरी ओर, जेल अथारिटी भी अब इस बात को खंगालने में जुट गई है कि अभी तक जेल में असीमानंद से कौन-कौन मिलने आया है। ताकि इस इंटरव्यू के सच का मालूम चल सके।

उधर, स्वामी असीमानंद के पैनल के एक वकील का भी कहना है कि ये इंटरव्यू आधारहीन है, क्योंकि स्वामी असीमानंद ने कभी ऐसा न तो इंटरव्यू दिया है और न ही आरएसएस प्रमुख का नाम इस घटना से जोड़कर लिया है।

अंबाला सेंट्रल जेल में आरटीआई लगाई
उधर, इसी मामले को लेकर स्वामी असीमानंद के विरुद्ध जयपुर में चल रहे एक अन्य मामले में असीमानंद की ओर से पैरवी कर रहे वकील जेएस राणा ने यहां अंबाला सेंट्रल जेल में आरटीआई लगाई है। इस आरटीआई में एडवोकेट ने जेल अथारिटी से उन तमाम लोगों की पूरी जानकारी मांगी है, जो अभी तक असीमानंद से मिलने यहां जेल मे आते रहे हैं।

सैंपल जांच पर उलझे थे असीमानंद और एनआईए

samjhauta express blast: aseemanand all inside story

2007 में हुए समझौता ब्लास्ट के सैंपलों की जांच पर एनआईए और असीमानंद उलझ गए थे। आरोपी असीमानंद को एनआईए जांच पर भरोसा नहीं था। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

दाखिल अपील में कहा था कि एनआईए उसे ट्रैप करने के लिए सैंपलों से छेड़छाड़ कर सकती है। असीमानंद ने एनआईए की विशेष अदालत के उन आदेशों को भी चुनौती दी, जिनमें कोर्ट ने समझौता ब्लास्ट के सैंपलों की जांच अजमेर, हैदराबाद, मालेगांव और भोड़सा ब्लास्ट के साथ करने को कहा था।  

असीमानंद की इस अपील के बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) भी हाईकोर्ट पहुंच गई। जांच एजेंसी ने अपनी ही कोर्ट के आदेशों को चुनौती दे डाली। एनआईए ने अदालत में बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम और असीमानंद के वकीलों की उपस्थिति में सील बंद सैंपल एनआईए दफ्तर में जमा करवाए गए, लेकिन सैंपलों की सील नहीं खोली गई।

एनआईए ने कहा कि सीएफएसएल टीम ने अजमेर, हैदराबाद, मालेगांव और भोड़ासा ब्लास्ट के सैंपलों की जांच हैदराबाद स्थित सीएफएसएल प्रयोगशाला में करवाने की सिफारिश की। चूंकि इस प्रयोगशाला में केमिकल और इंस्ट्रूमेंटल सुविधाएं, लिहाजा यहां सभी सैंपल आसानी से मैच हो सकते हैं।

एनआईए ने कहा विशेष अदालत के उन आदेशों को भी चुनौती दी। एनआईए ने कहा सीआरपीसी और एनआईए एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है, जिसके तहत सैंपलों की जांच के दौरान डिफेंस लायर उपस्थित रहे। हाईकोर्ट ने इस मामले पर असीमानंद को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेशों पर स्वीकृति देते हुए आदेश जारी किया कि सैंपलों की जांच के दौरान असीमानंद का वकील भी उपस्थित रहे।

समझौता कांड: कब क्या हुआ?

samjhauta express blast: aseemanand all inside story

19 फरवरी 2007 को नई दिल्ली से अटारी, पाकिस्तान जा रही समझौता एक्सप्रेस में हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत शिवा गांव के नजदीक विस्फोट हुए थे। विस्फोट से लगी आग में कम से कम 68 व्यक्तियों की मौत हो गई तथा 13 अन्य घायल हो गए।

जांच के दौरान ट्रेन मे और विस्फोटक मिले। बाद मे बचे हुए आठ डिब्बों के साथ ट्रेन को पाकिस्तान के लाहौर शहर की ओर रवाना कर दिया गया। इन विस्फोटो की भारत और पाकिस्तान में व्यापक निंदा हुई।

20 फरवरी, 2007 को इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों के 'स्केच' जारी किए। एक प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर पुलिस ने इन दोनों लोगों के स्केच जारी किए। दोनों ही लोग दीवाना रेलवे स्टेशन पर रात लगभग 11 बज कर 40 मिनट पर उतर गए। इसके थोड़ी ही देर बाद ट्रेन में धमाके हुए। पुलिस ने इन संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी देने वालों को एक लाख रुपए का नक़द ईनाम देने की भी घोषणा की।

22 फरवरी, 2007 को 37 शवों की पहचान हुई, जिसमे 30 पाकिस्तानी नागरिक है। पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया।

15 मार्च, 2007 - हरियाणा पुलिस ने इंदौर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। यह इन धमाकों के सिलसिले में की गई पहली गिरफ्तारी थी।

'बम का बदला बम' था समझौता कांड का सिद्धांत

samjhauta express blast: aseemanand all inside story

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच के मुताबिक, असीमानंद गुजरात के अक्षरधाम मंदिर, जम्मू के रघुनाथ मंदिर और वाराणसी स्थित संकट मोचन मंदिर में हुए आतंकवादी हमलों को लेकर बहुत व्यथित था।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि वह (असीमानंद), सुनील जोशी और अन्य सहयोगियों के साथ बातचीत करते समय अपना (उग्र) विचार व्यक्त करता था। समय बीतने के साथ ही इन लोगों के अंदर न सिर्फ 'जिहादी' आतंकवादियों बल्कि पूरे अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति बदले की भावना आ गई। चार्जशीट में कहा गया है कि असीमानंद ने 'बम का बदला बम' का सिद्धांत अपनाया।

इसके लिए समझौता ट्रेन का चयन इसलिए किया गया, क्योंकि इसमें यात्रा करने वाले ज्यादातर यात्री पाकिस्तानी नागरिक होते हैं। ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी ग्रुप को असीमानंद ने आर्थिक मदद और साजो-सामान मुहैया कराया। साथ ही उसने इस आतंकवादी कार्रवाई को अंजाम देने वाले अपने साथियों को उकसाने में भी अहम भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि इस कांड में रामचंद्र, कलासांगरा और संदीप डांग को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, जबकि असीमानंद और शर्मा पहले ही अंबाला जेल में न्यायिक हिरासत में है।

संघ प्रमुख पर आरोप राजनीति से प्रेरित: शर्मा

samjhauta express blast: aseemanand all inside story

भाजपा के पंजाब प्रधान कमल शर्मा ने आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत पर आरोप को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक पत्रिका में स्वामी असीमानंद के इंटरव्यू के जरिए कांग्रेस ने डॉ. भागवत को बदनाम करने की साजिश रची है। शर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार और आसमान छूती महंगाई से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह की साजिश कर रही है।

शर्मा ने आरोपों के पक्ष में जारी किए गए ऑडियो और पत्रिका में छपे इंटरव्यू को झूठ का पुलिंदा बताया है। उन्होंने कहा कि संघ हिंसा और समाज को बांटने में विश्वास नहीं करता। संघ समानता और समरसता के मार्ग पर चलता हुआ राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की दिशा की ओर अग्रसर है।

चारों ओर से घिरी केंद्र सरकार व कांग्रेस को जब चुनावी वैतरणी पार करने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा तो वह अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति पर चलते हुए संघ को बदनाम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी ऐसे प्रयास कर चुकी है, लेकिन संघ हर बार राष्ट्रभक्ति की कसौटी पर खरा उतरा है। आज देश के सामने महंगाई और भ्रष्टाचार दो बड़ी समस्याएं हैं। जिनके चलते लोगों का जीना दूभर हो गया है। देश की जनता कांग्रेस को मजा चखाने का मन बना चुकी हैं, उसकी कोई साजिश कामयाब नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed