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समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट: वो पाकिस्तानी महिला जिसकी मेल से टला कोर्ट का फैसला, जानें वजह
Mon, 11 Mar 2019 10:19 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 11 Mar 2019 10:19 PM IST
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Samjhauta Express blast
- फोटो : Indian Express
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बारह साल पहले पानीपत के पास समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में हुए बम धमाके में सोमवार को फैसला आना था। ऐन वक्त पर पाकिस्तान से आई एक मेल के बाद पंचकूला की विशेष एनआईए अदालत ने फैसला टाल दिया। अदालत ने इस संबंध में एनआईए को नोटिस देकर जवाब मांगा है। अब इस मामले की सुनवाई 14 मार्च को होगी।
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इससे पहले मुख्य आरोपी असीमानंद के साथ अन्य तीनों आरोपियों लोकेश शर्मा, राजेंद्र चौधरी और कमल चौहान को अदालत में शाम चार बजे में पेश किया गया। इसके बाद पानीपत के एडवोकेट मोमिन मलिक ने कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की। पाकिस्तान की महिला एडवोकेट रोहिला ने मेल भेज कर अपनी अर्जी एडवोकेट मलिक के माध्यम से विशेष अदालत में लगाई है।
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इस अर्जी में रोहिला ने कहा है कि समझौता ब्लास्ट में उनके पिता की भी मौत हुई थी। उनके पिता के साथ उनके कुछ दोस्त भी ट्रेन में सफर कर रहे थे, जो बच गए। वह सीआरपीसी की सेक्शन-311 के तहत गवाही और आरोपियों की पहचान कराना चाहती हैं। अर्जी में यह भी कहा गया है कि केस को लेकर उन्हें अब तक किसी तरह का कोई समन नहीं मिला है। इस अर्जी पर करीब ढाई घंटे बहस हुई।
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बचाव पक्ष ने दी दलील, दूतावास के जरिये भेजे थे समन
एनआईए कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील की ओर से दलील दी गई कि इस स्टेज में आकर यह बात सामने आ रही है जबकि पहले भी मीडिया और दूतावास के जरिए गवाहों को समन भेजे गए थे। इसके बाद भी कोई पाकिस्तानी नागरिक गवाही देने के लिए कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुआ।
गवाहों को बुलाने पर 14 मार्च को होगा फैसला
एडवोकेट मलिक ने बताया कि सीआरपीसी-311 के तहत गवाहों को गवाही के लिए समन जारी कर बुलाया जाता है। समझौता ब्लास्ट मामले में सुनवाई के लिए इन गवाहों को बुलाया जाएगा या नहीं, इसका फैसला 14 मार्च को हो सकता है।
68 यात्री मारे गए थे
समझौता ब्लास्ट में 68 ट्रेन यात्री मारे गए थे, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में अधिकतर पाकिस्तान के रहने वाले थे।