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बहादुरी को सलामः जान पर खेलकर युवक ने ऐसे बचाया बुजुर्ग को
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Thu, 13 Oct 2016 11:44 AM IST
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हिसार के लड़के ने जान पर खेलकर बचाई बुजुर्ग की जान
22 वर्षीय युवक की बहादुरी को सलाम कीजिए। उसने मुस्तैदी दिखाते हुए जान पर खेलकर बुजुर्ग को बचा लिया, वरना बड़ा हादसा हो जाता। हिसार के पटेल नगर में स्कूटी से लाइन पार कर रहे एक बुजुर्ग मंगलवार को बाल-बाल बच गए। बुजुर्ग स्कूटी के साथ रेलवे ट्रैक पर करते समय पटरी में फंस गए। इसी दौरान ट्रेन आ गई। यह देख 22 वर्षीय युवक ने अपनी जान पर खेलकर बुजुर्ग को बचा लिया।
वहीं ट्रेन की चपेट में आने से स्कूटी चकनाचूर हो गई, जिसके बाद करीब 15 मिनट तक ट्रेन रुकी रही। बचाने के दौरान दोनों को ट्रैक के दूसरी तरफ गिरने से हल्की चोटें आई हैं। युवक सुमित सद्भावना संस्था का सदस्य है। घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सद्भावना संस्था के सदस्य अमित ग्रोवर मौके पर पहुंचे और आरयूबी नहीं बनने के कारण प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की। वहीं लोग सुमित के हौसले की तारीफ करते नहीं थके।
ट्रैक पार करते समय फटी स्कूटी
करीब सवा 11 बजे अरदास कॉलोनी में रहने वाले करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग बद्रीप्रसाद स्कूटी लेकर अपनी बीमार पत्नी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने पटेल नगर की तरफ जा रहे थे। जब वे ट्रैक पार करने लगे तभी उनकी स्कूटी फंस गई। इस दौरान ट्रेन आ गई। लेकिन बुजुर्ग स्कूटी छोड़ने को तैयार नहीं थे। वे उसे निकालने में लगे रहे।
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ट्रेन को नजदीक आते देख वहां से गुजर रहे 22 वर्षीय युवक सुमित कुमार बुजुर्ग पर झपटे और बुजुर्ग को स्कूटी से हटाकर ट्रैक के दूसरी तरफ गिर गया, जिससे दोनों की हल्की चोटें आईं। वहीं स्कूटी के परखच्चे उड़ गए।
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वहीं ट्रेन की चपेट में आने से स्कूटी चकनाचूर हो गई, जिसके बाद करीब 15 मिनट तक ट्रेन रुकी रही। बचाने के दौरान दोनों को ट्रैक के दूसरी तरफ गिरने से हल्की चोटें आई हैं। युवक सुमित सद्भावना संस्था का सदस्य है। घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सद्भावना संस्था के सदस्य अमित ग्रोवर मौके पर पहुंचे और आरयूबी नहीं बनने के कारण प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की। वहीं लोग सुमित के हौसले की तारीफ करते नहीं थके।
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ट्रैक पार करते समय फटी स्कूटी
करीब सवा 11 बजे अरदास कॉलोनी में रहने वाले करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग बद्रीप्रसाद स्कूटी लेकर अपनी बीमार पत्नी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने पटेल नगर की तरफ जा रहे थे। जब वे ट्रैक पार करने लगे तभी उनकी स्कूटी फंस गई। इस दौरान ट्रेन आ गई। लेकिन बुजुर्ग स्कूटी छोड़ने को तैयार नहीं थे। वे उसे निकालने में लगे रहे।
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ट्रेन को नजदीक आते देख वहां से गुजर रहे 22 वर्षीय युवक सुमित कुमार बुजुर्ग पर झपटे और बुजुर्ग को स्कूटी से हटाकर ट्रैक के दूसरी तरफ गिर गया, जिससे दोनों की हल्की चोटें आईं। वहीं स्कूटी के परखच्चे उड़ गए।
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यकीन नहीं था बच जाएंगे
हिसार के लड़के ने जान पर खेलकर बचाई बुजुर्ग की जान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक बुजुर्ग को पकड़कर स्कूटी से अलग कर रहा था। लेकिन बुजुर्ग स्कूटी छोड़ने को तैयार नहीं था। ट्रेन बिल्कुल नजदीक आ चुकी थी। नजारा देखकर सबकी सांसें फूल गई थीं। किसी को यकीन नहीं था कि दोनों बच पाएंगे। लेकिन युवक सुमित ने दिलेरी दिखाई और पलभर में बुजुर्ग को उठाकर दूसरी तरफ कूद गया, जिससे उनकी जान बच गई।
15 मिनट रुकी रही ट्रेन, आरपीएफ मौके पर
घटना के बाद यात्री गाड़ी घटनास्थल पर ही रोक दी गई। यात्री भी नीचे उतरकर जानकारी लेने लगे। लोगों ने सुमित की बहादुरी की तारीफ की। सब शुक्र मना रहे थे कि दोनों की जान बच गई। करीब 15 मिनट बाद गाड़ी दोबारा रवाना हुई, जिसके बाद आरपीएफ इंचार्ज विकास कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना कर ट्रैक पर लगे पत्थर हटवाए।
7 सवारी गाड़ी गुजरती है
इस ट्रैक से रोजाना 7 सवारी गाड़ी गुजरती हैं। इसके अलावा मालगाड़ियों का भी आवागमन होता है। ऐसे में इस ट्रैक पर न फाटक है और न ही प्रशासन आरयूबी का निर्माण करवा रहा है, जिसके कारण पिछले 27 वर्षों से यहां अक्सर हादसे हो रहे हैं। पटेल नगर सहित कई कॉलोनियों को सेक्टर 16-17 की ओर से जोड़ने के लिए यह एकमात्र सीधा रास्ता है।
15 मिनट रुकी रही ट्रेन, आरपीएफ मौके पर
घटना के बाद यात्री गाड़ी घटनास्थल पर ही रोक दी गई। यात्री भी नीचे उतरकर जानकारी लेने लगे। लोगों ने सुमित की बहादुरी की तारीफ की। सब शुक्र मना रहे थे कि दोनों की जान बच गई। करीब 15 मिनट बाद गाड़ी दोबारा रवाना हुई, जिसके बाद आरपीएफ इंचार्ज विकास कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना कर ट्रैक पर लगे पत्थर हटवाए।
7 सवारी गाड़ी गुजरती है
इस ट्रैक से रोजाना 7 सवारी गाड़ी गुजरती हैं। इसके अलावा मालगाड़ियों का भी आवागमन होता है। ऐसे में इस ट्रैक पर न फाटक है और न ही प्रशासन आरयूबी का निर्माण करवा रहा है, जिसके कारण पिछले 27 वर्षों से यहां अक्सर हादसे हो रहे हैं। पटेल नगर सहित कई कॉलोनियों को सेक्टर 16-17 की ओर से जोड़ने के लिए यह एकमात्र सीधा रास्ता है।