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देखिए आईटीआई में किसको कितना मिलता है वेतन
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 20 Feb 2014 04:54 PM IST
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हरियाणा को शिक्षा का हब बनाने का लगातार दाव कर रही हरियाणा सरकार आईटीआई के गेस्ट टीचरों को सफाई मजदूर से कम वेतन दे रही है।
बीते 15 साल से धक्के खा रहे आईटीआई के ये 68 गेस्ट टीचर मात्र 6000 से 8000 रुपये वेतन पा रहे हैं। इन गेस्ट टीचरों को न रेगुलर किया जा रहा है और न उनका मानदेय बढ़ाया जा रहा है।
प्रदेश की आईटीआई में ही ठेके पर काम कर रहे करीब 2300 टीचरों (इंस्ट्रक्टर) को एकमुश्त 14000 रुपये दिए जा रहे हैं जबकि रेगुलर इंस्ट्रक्टर का वेतन 28000 रुपये महीना है। प्रदेश की आईटीआई संस्थानों में तीन तरह का वेतनमान मिल रहा है।
गेस्ट अनुदेशक आईटीआई संगठन के अनूप बिश्नोई ने बताया कि वे पिछले कई सालों से प्रदेश सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें भी स्कूल गेस्ट टीचर के समान 23000 रुपये महीना मानदेय दिया जाए मगर सरकार उनकी बात नहीं सुन रही क्योंकि उनकी संख्या बेहद कम है।
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उन्होंने बताया शुरू में 17 फरवरी, 1999 को 100 गेस्ट इंस्ट्रक्टरों का चयन नियमानुसार हुआ था। विज्ञापन जारी हुआ था। आवेदन और साक्षात्कार के बाद उन्हें रखा गया था। उन्हें शुरू में 50 रुपये प्रति घंटा दिया जाता था। अब बढ़कर वह 400 रुपये प्रति घंटा हो गया है।
गणित और साइंस के गेस्ट इंस्ट्रक्टरों का मानदेय सप्ताह में सिर्फ 1600 रुपये बनता है। छुट्टी वगैरह हो तो महीने में 6000 रुपये मानदेय बनता है जबकि हरियाणा में सफाई मजदूर का न्यूनतम वेतन 8100 रुपये है।
अब प्रदेश की आईटीआई में सिर्फ 58 गेस्ट इंस्ट्रक्टर कार्यरत हैं। वे भी उतना ही काम कर रहे हैं जितना रेगुलर इंस्ट्रक्टर करते हैं। रेगुलर इंस्ट्रक्टर का वेतनमान 28000 रुपये महीना है।
ठेके पर काम करने वाले 2300 टीचरों को आधा वेतन
सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल, 2006 को फैसला दिया था कि स्थाई पदों पर स्थाई नियुक्ति की जानी चाहिए और जिन्होंने 10 अप्रैल, 2006 से पहले 10 साल की अस्थाई नौकरी कर ली है, उन्हें स्थाई किया जाए।
मगर हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां उड़ाते हुए आईटीआई में नंवबर, 2006 से ठेके पर इंस्ट्रक्टर रखने शुरू कर दिए। जनवरी, 2008 तक 258 इंस्ट्रक्टर ठेके पर रखे जा चुके थे। उसके बाद भर्ती का यही तरीका अपनाया गया और आज ठेके पर करीब 2300 इंस्ट्रक्टर कार्यरत हैं।
उन्हें मानदेय 14000 रुपये प्रति महीना दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार 258 इंस्ट्रक्टरों को रेगुलर करने के लिए सरकार को विचार करने के लिए कहा था, मगर प्रदेश सरकार ने रेगुलर नहीं किया। अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने करीब 1500 इंस्ट्रक्टर की स्थाई भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर रखी है।
हां, आईटीआई में गेस्ट इंस्ट्रक्टरों को मानदेय कम मिलता है। यह मामला मेरे संज्ञान में है। ठेके पर कार्यरत इंस्ट्रक्टरों को रेगुलर करने का मामला भी सरकार के संज्ञान में है। मैं जल्द ही बैठक बुलाकर इस मामले का निपटान करूंगी।
गीता भुक्कल, मंत्री, आईटीआई, हरियाणा
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बीते 15 साल से धक्के खा रहे आईटीआई के ये 68 गेस्ट टीचर मात्र 6000 से 8000 रुपये वेतन पा रहे हैं। इन गेस्ट टीचरों को न रेगुलर किया जा रहा है और न उनका मानदेय बढ़ाया जा रहा है।
प्रदेश की आईटीआई में ही ठेके पर काम कर रहे करीब 2300 टीचरों (इंस्ट्रक्टर) को एकमुश्त 14000 रुपये दिए जा रहे हैं जबकि रेगुलर इंस्ट्रक्टर का वेतन 28000 रुपये महीना है। प्रदेश की आईटीआई संस्थानों में तीन तरह का वेतनमान मिल रहा है।
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गेस्ट अनुदेशक आईटीआई संगठन के अनूप बिश्नोई ने बताया कि वे पिछले कई सालों से प्रदेश सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें भी स्कूल गेस्ट टीचर के समान 23000 रुपये महीना मानदेय दिया जाए मगर सरकार उनकी बात नहीं सुन रही क्योंकि उनकी संख्या बेहद कम है।
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उन्होंने बताया शुरू में 17 फरवरी, 1999 को 100 गेस्ट इंस्ट्रक्टरों का चयन नियमानुसार हुआ था। विज्ञापन जारी हुआ था। आवेदन और साक्षात्कार के बाद उन्हें रखा गया था। उन्हें शुरू में 50 रुपये प्रति घंटा दिया जाता था। अब बढ़कर वह 400 रुपये प्रति घंटा हो गया है।
गणित और साइंस के गेस्ट इंस्ट्रक्टरों का मानदेय सप्ताह में सिर्फ 1600 रुपये बनता है। छुट्टी वगैरह हो तो महीने में 6000 रुपये मानदेय बनता है जबकि हरियाणा में सफाई मजदूर का न्यूनतम वेतन 8100 रुपये है।
अब प्रदेश की आईटीआई में सिर्फ 58 गेस्ट इंस्ट्रक्टर कार्यरत हैं। वे भी उतना ही काम कर रहे हैं जितना रेगुलर इंस्ट्रक्टर करते हैं। रेगुलर इंस्ट्रक्टर का वेतनमान 28000 रुपये महीना है।
ठेके पर काम करने वाले 2300 टीचरों को आधा वेतन
सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल, 2006 को फैसला दिया था कि स्थाई पदों पर स्थाई नियुक्ति की जानी चाहिए और जिन्होंने 10 अप्रैल, 2006 से पहले 10 साल की अस्थाई नौकरी कर ली है, उन्हें स्थाई किया जाए।
मगर हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां उड़ाते हुए आईटीआई में नंवबर, 2006 से ठेके पर इंस्ट्रक्टर रखने शुरू कर दिए। जनवरी, 2008 तक 258 इंस्ट्रक्टर ठेके पर रखे जा चुके थे। उसके बाद भर्ती का यही तरीका अपनाया गया और आज ठेके पर करीब 2300 इंस्ट्रक्टर कार्यरत हैं।
उन्हें मानदेय 14000 रुपये प्रति महीना दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार 258 इंस्ट्रक्टरों को रेगुलर करने के लिए सरकार को विचार करने के लिए कहा था, मगर प्रदेश सरकार ने रेगुलर नहीं किया। अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने करीब 1500 इंस्ट्रक्टर की स्थाई भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर रखी है।
हां, आईटीआई में गेस्ट इंस्ट्रक्टरों को मानदेय कम मिलता है। यह मामला मेरे संज्ञान में है। ठेके पर कार्यरत इंस्ट्रक्टरों को रेगुलर करने का मामला भी सरकार के संज्ञान में है। मैं जल्द ही बैठक बुलाकर इस मामले का निपटान करूंगी।
गीता भुक्कल, मंत्री, आईटीआई, हरियाणा