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पीजीआई: हाजिरी रजिस्टर में गड़बड़ी, आउटसोर्स कर्मियों की रुकी सैलरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 14 Jun 2016 01:40 AM IST
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पीजीआई चंडीगढ़
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पीजीआई में 400 से ज्यादा आउटसोर्स कर्मियों की सैलरी रोक दी गई है। बताया जा रहा है कि हाजिरी रजिस्टर में कुछ गड़बड़ियां मिली थीं। इसके बाद हाजिरी रजिस्टर को विभाग प्रमुख के पास दोबारा से दुरस्त करने के लिए भेजा गया है। जब तक विभाग प्रमुख से रजिस्टर वापस नहीं आएंगे, तब तक कर्मियों की सैलरी नहीं बन पाएगी।
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सैलरी नहीं मिलने से आउटसोर्स कर्मियों में नाराजगी है। लेबर एक्ट के मुताबिक महीने के दस तारीख तक हर हाल में कर्मियों को सैलरी मिल जानी चाहिए, लेकिन पीजीआई में लेबर एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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आमतौर पर आउटसोर्स कर्मियों की सैलरी आठ से दस जून तक आ जाती थी, लेकिन इस बार अब तक नहीं आई है। इससे कर्मियों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। प्रभावित कर्मचारी ग्रुप सी कैटेगरी के हैं। पीजीआई के प्रिंसिपल इंप्लायर का कहना है कि हाजिरी रजिस्टर में काफी ओवराइटिंग थी, इसलिए उन्हें ठीक करने के लिए दोबारा भेजा गया है। ये सभी कर्मचारी पीजीआई को टीडीएस कंपनी ने आउटसोर्स के आधार पर मुहैया करवाए हैं। कंपनी के सुपरवाइजर हिम्मत ने बताया है कि आउटसोर्स के सभी हाली डे पेड हैं। कर्मचारियों के कुल 30 या 31 दिनों की सैलरी बनती है।
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एचओडी की ओर से किसी की सैलरी 28 दिन तो किसी की 29 दिन की बना दी गई है। उसे जब कांट छांटकर भेजा गया तो पीजीआई ने कहा कि पहले उसे ठीक करवाएं, तब सैलरी रिलीज की जाएगी। हिम्मत ने बताया है कि उम्मीद है कि 14 जून शाम तक सभी कर्मचारियों के एकाउंट में सैलरी आ जाएगी।
सूत्रों का कुछ और है कहना
पीजीआई के सूत्रों का कहना है कि कुछ आउटसोर्स कर्मचारी छुट्टी पर चले गए थे। उनकी जगह रिलीवर को रखा गया, लेकिन रिलीवर को सैलरी नहीं दी गई, जबकि हाजिरी रजिस्टर में कर्मचारी की अटेंडेंस लगती रही। पैसा भी रिलीज हो गया, लेकिन न तो सैलरी आउटसोर्स कर्मचारी को मिली और न ही रिलीवर को। रुपया किसी और के खाते में गया। इस बार पीजीआई ने हाजिरी रजिस्टर को फिर से चेक करने के निर्देश दिए। दोबारा जांच के बाद सैलरी जारी करने की बात कही गई थी।