Punjab News: बलवंत सिंह राजोआना से नहीं मिला पाया शिअद शिष्टमंडल, सीएम मान और केजरीवाल पर बरसे मजीठिया
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि जहां राजोआना से मुलाकात की अनुमति नहीं देकर भेदभाव किया जा रहा है। वहीं गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। यहां तक कि उसे स्मार्टफोन और विशेष खाना भी दिया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह हत्याकांड में पटियाला जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआना से मुलाकात करने सोमवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का एक शिष्टमंडल पटियाला पहुंचा। इसमें वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और विरसा सिंह वल्टोहा समेत अन्य शामिल थे। लेकिन पुलिस ने शिष्टमंडल को जेल के गेट पर ही रोक दिया और कहा कि उन्हें मुलाकात करने की अनुमति नहीं मिली है। इस पर मजीठिया भड़क उठे।
उन्होंने कहा कि मुलाकात की अनुमति एडीजीपी (जेल) से ली थी। बावजूद इसके उन्हें मिलने नहीं दिया गया। यह बेहद निंदनीय है। मजीठिया ने कहा कि अगर भूख हड़ताल पर जाने से बलंवत सिंह राजोआणा को कोई नुकसान होता है तो सीएम भगंवत मान और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।
मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान ने अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल को राजोआना से मिलने की अनुमति देने के राज्य जेल विभाग के फैसले को पलट दिया है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सबसे संवेदनशील मुददे पर राजनीति करना चाहते हैं और समुदाय की भावनाओं को भड़काना चाहते हैं। यह बेहद निंदनीय है।
मजीठिया ने कहा कि अगर राजोआना मंगलवार को भूख हड़ताल पर जाते हैं तो इसके लिए भगवंत मान व केजरीवाल पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। गौरतलब है कि राजोआना ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की राष्ट्रपति से की गई अपील को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से वापस लेने की मांग की थी। इसके पूरा न होने पर पांच दिसंबर से जेल में भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी।
मजीठिया ने कहा कि अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल ने श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश के बाद राजोआना से मिलने की अनुमति मांगी थी। इससे पहले एसजीपीसी ने भी तख्त के निर्देश के अनुसार बंदी सिंह से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि अकाली दल ने भी एसजीपीसी के समान आधार पर अनुमति मांगी थी और एडीजीपी जेल ने उन्हें अनुमति दी थी लेकिन उन्हें रोकने के लिए यहां सेंट्रल जेल के सामने बेवजह बैरिकेड लगा दिए गए। यही नहीं जेल अधिकारी इस बात का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में भी नाकाम।
मजीठिया और वल्टोहा ने राजोआना से अपील करते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश चल रही है इसीलिए उन्हें मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू करने के अपने फैसले को वापस लेना चाहिए। मजीठिया ने राजोआना की अपील पर फैसला न लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमले किया।
मजीठिया ने कहा कि जहां राजोआना से मुलाकात की अनुमति नहीं देकर भेदभाव किया जा रहा है। वहीं गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। यहां तक कि उसे स्मार्टफोन और विशेष खाना भी दिया जा रहा है। उधर, पटियाला जेल अधीक्षक मनदीप सिंह सिद्धू ने मजीठिया के आरोपों का खंडन किया और कहा कि मजीठिया को फोन पर बता दिया गया था कि उनकी व अन्य नेताओं की राजोआना के साथ मुलाकात नहीं हो सकेगी।