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Hindi News ›   Chandigarh ›   SAD-BJP Coalition may be End in Punjab

अकाली-भाजपा में रार बढ़ने के साफ संकेत

Mon, 03 Nov 2014 01:15 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 03 Nov 2014 01:15 PM IST
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SAD-BJP Coalition may be End in Punjab

हरियाणा और महाराष्ट्र में मिली सफलता से उत्साहित भाजपा ने अब पंजाब में भी अपने गठबंधन साझीदार शिअद को आंखें दिखाने की तैयारी कर ली है। पार्टी अपने सभी मुख्य संसदीय सचिवों और बोर्डों के चेयरमैन को सरकार से वापस बुला सकती है। वहीं, आने वाले दिनों में भाजपा के तेवर भी और तीखे हो सकते हैं।

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दो राज्यों के चुनाव नतीजों केबाद अब संघ पंजाब में भाजपा को नई भूमिका में देखना चाहता है। उसके लिए संघ रोड मैप बनाने में जुट गया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत पिछले दिनों में पंजाब के चार दौरे चुके हैं। संघ धीरे-धीरे ग्रामीण हलकों में भी प्रसार कर रहा है। अंदरखाते पार्टी में एक नारा ‘हरियाणा तो झांकी है, पंजाब अभी बाकी है’ भी लोकप्रिय हो रहा है।
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आगरा के सांसद व संघ प्रचारक प्रो. राम शंकर कठेरिया को पंजाब का प्रभारी बनाने केसाथ पार्टी ने पंजाब के बड़े दलित वोट बैंक पर नजरें गड़ा दी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 1984 के दंगा पीड़ितों के लिए मुआवजे के ऐलान को भी संघ के मिशन पंजाब से जोड़कर देखा जा रहा है।

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गठबंधन पर ‌दिल्ली में चल रहा मंथन

SAD-BJP Coalition may be End in Punjab

सूत्रों के मुताबिक 31 अक्तूबर को दिल्ली में पंजाब को लेकर अहम बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय नेताओं के अलावा पंजाब के नए प्रभारी प्रो. राम शंकर कठेरिया और प्रदेश प्रधान कमल शर्मा भी शामिल थे। बैठक के दौरान भाजपा और शिअद के रिश्तों पर मंथन हुआ।

पार्टी नेतृत्व फिलहाल शिअद से रिश्ते तोड़ने के मूड में नहीं है, लेकिन संघ का मानना है कि भाजपा अब बैकफुट पर न रहे। पार्टी आने वाले निकाय चुनाव में भी खुद को मजबूती से पेश करे और ज्यादा सीटों की मांग करे। साथ ही सरकार को अपने तेवर दिखाने के लिए सभी मुख्य संसदीय सचिवों और बोर्ड चेयरमैन से इस्तीफा दिलाए।

इसके लिए पार्टी दलील देगी कि सरकार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में इस्तीफे दिलाए गए। वहीं, संघ के पास स्पष्ट फीडबैक है कि इनकी उपयोगिता भी नहीं रह गई है। सीपीएस और चेयरमैन खुद शिकायत कर चुके हैं कि उनके अपने मंत्री तक उनकी बात नहीं सुनते। सरकार में उनके काम नहीं होते।

चार को होगी कोर कमेटी की मीटिंग

SAD-BJP Coalition may be End in Punjab

भाजपा ने चार नवंबर को चंडीगढ़ में कोर कमेटी की मीटिंग बुलाई है। वहीं, पांच नवंबर को सदस्यता अभियान को लेकर वर्कशॉप होगी। इसमें प्रदेश पदाधिकारी, जिलों के प्रधान व महासचिव, सेल कंवीनर, मोर्चा प्रधान आदि शामिल होंगे। दोनों में ही पंजाब के नए प्रभारी प्रो. राम शंकर कठेरिया शामिल होंगे, यह उनका पहला पंजाब दौरा है।

सूत्रों के मुताबिक कोर कमेटी की मीटिंग में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें सीपीएस और बोर्ड चेयरमैन को वापस बुलाने से लेकर निकाय चुनाव भी शामिल हैं। कुछ मुद्दों पर अहम फैसले भी लिए जा सकते हैं। वहीं, वर्कशॉप के दौरान सदस्यता, खासकर ग्रामीण इलाकों में बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।

चार नवंबर को कोर कमेटी की मीटिंग बुलाई गई है। पांच को सदस्यता अभियान के संबंध में वर्कशॉप होगी। चार की मीटिंग और पांच की वर्कशॉप में पंजाब प्रभारी प्रो. राम शंकर कठेरिया भी शामिल होंगे। कोर कमेटी में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कुछ अहम फैसले भी लिए जा सकते हैं।
-कमल शर्मा, प्रदेश प्रधान, भाजपा

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