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खनन हादसा: कदम-कदम पर तोड़े नियम, नीचे से ऊपर की तरफ खोदाई, 6 साल में होने वाला खनन 3 में करने की तैयारी

Sat, 01 Jan 2022 09:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 01 Jan 2022 09:02 PM IST
सार

खनन पट्टे के संक्षिप्त विवरण दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई है। माल निकालने के लिए खोदाई नीचे से ऊपर की तरफ की गई, जबकि यह ऊपर से नीचे होनी थी।

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Rules broken for mining in Dadam area of Bhiwani
भिवानी के डाडम क्षेत्र स्थित खादान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के भिवानी के डाडम क्षेत्र में खनन के लिए नियम 2018 से ही ताक पर रखे गए। कदम-कदम पर नियमों को तोड़ा गया। माल निकालने के लिए खोदाई नीचे से ऊपर की तरफ की गई, जबकि यह ऊपर से नीचे होनी थी। खनन पट्टे के संक्षिप्त विवरण दस्तावेजों के साथ भी छेड़छाड़ की गई। ठेकेदार छह साल में होने वाले खनन को तीन साल में ही पूरा करने के हिसाब से काम कर रहा था।

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मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। हिसार के लाजपत नगर निवासी राकेश दलाल ने जनहित याचिका दायर की हुई है। जिस पर हाईकोर्ट 30 जुलाई 2021 को प्रदेश सरकार से डाडम क्षेत्र में खनन को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांग चुका है।
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राकेश ने खनिज एवं भूगर्भ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को तीन अक्तूबर 2018 में ही शिकायत कर दी थी। जिसमें डाडम खादान में बड़े हादसे को लेकर चेताया था। लेकिन, उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसे दबा दिया गया।
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यह भी पढ़ें ः भिवानी खनन हादसा: भाजपा सांसद ने बताई हादसे की ग्राउंड रिपोर्ट, जताई अवैध खनन की आशंका

राकेश ने बताया कि डाडम में अवैज्ञानिक खनन ठेकेदार प्रदेश सरकार के अधिकारियों के संरक्षण में कर रहा है। इसकी उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है, चूंकि पर्यावरण को तो नुकसान हो ही रहा है, सरकार को तीन हजार करोड़ के राजस्व की चपत लगी है। खनन पट्टे के संक्षिप्त विवरण दस्तावेजों में वाटर टेबल के साथ छेड़छाड़ हुई है।

धरातल से 80 मीटर नीचे तक खनन

शिकायतकर्ता के अनुसार खानक क्षेत्र की खनन नीति में पानी की गहराई धरातल से 42 मीटर नीचे तक है। पानी की सतह से तीन मीटर ऊपर खनन करने के लिए विभाग की अनुमति जरूरी है, जिसे लिया ही नहीं गया। ठेकेदार धरातल से 80 मीटर नीचे तक खनन कर रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है। खादान से माल की गाड़ियां शुरूआत से ओवरलोड कर निकाली जा रही हैं। रिकॉर्ड में भी इसे कम दिखाया जाता है।

खादान से पानी निकालने के लिए लगवाए ट्यूबवेल

दलाल ने बताया कि ठेकेदार ने खादान से पानी निकालने के लिए ट्यूबवेल लगा रखे हैं। बारूद घुले पानी को सीधे खेतों में डाल दिया जाता है, जिससे क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं। अवैज्ञानिक व अवैध खनन की पुष्टि लीज क्षेत्र में अनियमितताएं बरतने पर वन विभाग द्वारा ठेकेदार पर की गई कार्रवाई से भी होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें हाईकोर्ट से न्याय की पूरी उम्मीद है। यह बड़ा खनन घोटाला है।

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