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एसीएस, पीएस की अप्रूव नोटिंग फाड़ी, हरियाणा सचिवालय में कर्मचारियों का हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:13 AM IST
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फटी हुई अप्रूव नोटिंग
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‘उदय स्कीम’ के तहत इक्विटी रिलीज करने संबंधी एक फाइल पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एसीएस) और प्रिंसिपल सेक्रेटरी (पीएस) द्वारा अप्रूव नोटिंग फाड़ने को लेकर हरियाणा सचिवालय में हंगामा हो गया। इस मसले पर सचिवालय के सभी अनुसूचित कर्मचारी लामबंद हो गए। उन्होंने विद्युत विभाग के अवर सचिव पर नोटिंग फाड़ने का आरोप लगाते हुए हरियाणा सरकार के आला अफसरों को अवर सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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कर्मचारियों ने अवर सचिव के खिलाफ चीफ सेक्रेटरी, विद्युत विभाग के एसीएस, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और एससी-एसटी आयोग के चेयरमैन को अवर सचिव की शिकायत भेजते हुए उस पर विद्युत विभाग के कर्मचारी अजीत सिंह को जातिसूचक शब्द कहने का भी आरोप लगाया। एसीएस विद्युत पीके दास और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने इस मामले में जांच करवाकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दे भड़के कर्मचारियों को शांत करवाया।
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विभाग के कर्मचारी अजीत कुमार ने बताया कि ‘उदय स्कीम’ के तहत इक्विटी रीलिज करने की फाइल पर विद्युत विभाग के एसीएस और पीएस नोटिंग कर अपनी स्वीकृति दे फाइल को डाउन कर चुके थे। लेकिन अवर सचिव ने उससे कहा कि इस नोटिंग का प्रारूप गलत बन गया है, इसे हटाकर दूसरा प्रारूप तैयार किया जाए। अजीत ने कहा कि इस पर उसने अवर सचिव को ये कहते हुए नया प्रारूप तैयार करने से इंकार कर दिया कि अब इस प्रारूप पर एसीएस और पीएस की नोटिंग है और फाइल से इसे हटाने की शक्तियां उसके पास नहीं है, कुछ गड़बड़ी है तो अवर सचिव अपनी नोटिंग इस पर लिख दे।
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अजीत ने आरोप लगाते हुए कहा कि इसी बात से अवर सचिव नाराज हो गए और उन्होंने फाइनल से नोटिंग वाला प्रारूप फाड़ दिया। साथ ही अवर सचिव ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उसे जातिसूचक शब्द भी कहे। इसी बात को लेकर सचिवालय में काफी संख्या में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी खफा हो गए और उन्होंने कामकाज छोड़ रोष जाहिर करते हुए अवर सचिव के खिलाफ दो दिन में कार्रवाई करने की मांग की।